चंडीगढ़ डीएवी कॉलेज में नशे के दुष्प्रभावों और नशामुक्ति पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित

 (पुनीत महाजन)
चंडीगढ़, 23 अक्टूबर 2026
डीएवी कॉलेज, सेक्टर-10, चंडीगढ़ के छात्र सेवा केंद्र एवं मनोविज्ञान विभाग की ओर से मादक पदार्थों के दुरुपयोग और नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन छात्र सेवा केंद्र की संयोजक एवं मनोविज्ञान विभाग की प्राध्यापिका डॉ. अमनिंदर मान तथा सह-संयोजक डॉ. आराधना शर्मा के नेतृत्व में किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों, अध्यापकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों सहित लगभग 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यशाला में क्लीनिकल रिसर्च मनोवैज्ञानिक एवं टेलीमानस, मनोचिकित्सा विभाग, पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ से अभिषेक वर्मा तथा मनोविज्ञान विभाग, पीजीआईएमईआर से डॉ. हरिश्रुति कौर ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य संरक्षक डॉ. मीना नरंग ने दोनों वक्ताओं को सम्मानित किया।
डिजिटल लत और बच्चों के व्यवहार पर विशेष चर्चा
अभिषेक वर्मा ने डिजिटल लत (डिजिटल एडिक्शन) विषय पर अपने विचार साझा करते हुए बताया कि डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए असंरचित खेल (अनस्ट्रक्चर्ड प्ले) के महत्व पर भी विशेष जोर दिया।
डॉ. हरिश्रुति कौर ने नशीले पदार्थों की लत और रिवॉर्ड पाथवे (Reward Pathways) पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने नशे की लत के पीछे काम करने वाले कारणों को समझाते हुए एपिजेनेटिक्स तथा जैविक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारकों (Biopsychosocial Factors) की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ये कारक किस प्रकार किसी व्यक्ति को नशे की लत के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकते हैं।
‘वन लिंक कैन मेक अ डिफरेंस’ गतिविधि ने दिया सहयोग का संदेश
कार्यशाला के दौरान ‘वन लिंक कैन मेक अ डिफरेंस’ शीर्षक से एक सहभागी गतिविधि आयोजित की गई। इसमें प्रतिभागियों ने रंगीन कागज की पट्टियों पर ऐसे उपाय लिखे, जिनके माध्यम से नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों की सहायता की जा सकती है। इन पट्टियों को जोड़कर एक श्रृंखला बनाई गई, जिसे ‘नो वन हैज टू रिकवर अलोन’ (कोई भी व्यक्ति अकेले नशे से उबरने के लिए मजबूर नहीं है) शीर्षक के अंतर्गत प्रदर्शित किया गया।
इस गतिविधि ने संदेश दिया कि व्यक्तिगत स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास मिलकर एक मजबूत और सहयोगी समुदाय का निर्माण कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में वादा क्लब के सदस्यों ने सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई।
कार्यशाला का समापन संसाधन व्यक्तियों, आयोजन समिति और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, नशामुक्त जीवनशैली को प्रोत्साहित करना और नशे से जूझ रहे लोगों के प्रति सहयोग एवं संवेदनशीलता की भावना विकसित करना रहा।

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