कमलेश बनारसी दास के प्रयास रंग लाए, इंदिरा आवास कॉलोनी के पुनर्वास के लिए एक सप्ताह में सर्वे के आदेश

डीसी चंडीगढ़ ने लिया गरीब परिवारों की समस्या का संज्ञान, सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पुनर्वास की उम्मीद जगी

(पुनीत महाजन) | चंडीगढ़। इंदिरा आवास कॉलोनी के गरीब परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर पूर्व मेयर कमलेश बनारसी दास द्वारा किए गए प्रयासों को सफलता मिली है। डीसी चंडीगढ़ ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ प्रशासन के स्टेट ऑफिस के माध्यम से संबंधित विभाग को कॉलोनी का एक सप्ताह के भीतर सर्वे करवाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई से प्रभावित परिवारों को पुनर्वास योजना के तहत मकान मिलने की उम्मीद जगी है।
गौरतलब है कि 30 सितंबर को पूर्व मेयर कमलेश बनारसी दास के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल रामदरबार क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर डीसी चंडीगढ़ से मिला था। इस दौरान इंदिरा आवास कॉलोनी में रहने वाले गरीब परिवारों के पुनर्वास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की थी कि कॉलोनी में रहने वाले परिवारों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए व्यापक सर्वे करवाया जाए और पात्र परिवारों को उचित पुनर्वास योजना के तहत मकान उपलब्ध करवाए जाएं।
कमलेश बनारसी दास ने बताया कि नशा मुक्ति अभियान के तहत रामदरबार के निकट स्थित इंदिरा आवास कॉलोनी में आठ मकानों को तोड़ दिया गया था। इसके चलते संबंधित परिवारों के सामने रहने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई। उन्होंने प्रशासन के समक्ष मांग रखी थी कि पुनर्वास का लाभ केवल उन आठ परिवारों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि पूरी कॉलोनी का सर्वे करवाकर सभी पात्र परिवारों को योजना में शामिल करने की संभावनाओं पर विचार किया जाए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक आवास मिल सके।
उन्होंने बताया कि डीसी चंडीगढ़ ने उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभाग को एक सप्ताह के भीतर सर्वे पूरा करने और रिपोर्ट डीसी कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में जारी आदेश की प्रति भी उन्हें जानकारी के लिए भेजी गई है।
प्रशासन के फैसले का किया स्वागत
पूर्व मेयर कमलेश बनारसी दास ने डीसी चंडीगढ़ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गरीब परिवारों की इस गंभीर समस्या पर प्रशासन द्वारा संज्ञान लेना सकारात्मक कदम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सर्वे निष्पक्ष तरीके से किया जाएगा और पात्र परिवारों को नियमानुसार पुनर्वास योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने कहागरीब परिवारों के लिए मकान केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि उनके सम्मान, सुरक्षा और भविष्य का आधार होता है। हमारा प्रयास है कि कोई भी पात्र परिवार बेघर न रहे। प्रशासन को जल्द से जल्द सर्वे पूरा करवाकर पात्र परिवारों को पुनर्वास योजना के तहत मकान उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए।
कमलेश बनारसी दास ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने यह मुद्दा गरीब और जरूरतमंद परिवारों को उनका अधिकार दिलाने के उद्देश्य से उठाया था। अब सर्वे के आदेश जारी होने से प्रभावित परिवारों में उम्मीद जगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंदिरा आवास कॉलोनी के निवासियों के पुनर्वास के साथ-साथ रामदरबार क्षेत्र की अन्य जनसमस्याओं के समाधान के लिए भी उनके प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

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