चंडीगढ़ सेक्टर 51 शबरी मिलन से बाली वध तक की लीला ने दर्शकों को किया भाव-विभोर, एच. एस. लकी ने किया रामलीला का शुभारंभ
पुनीत महाजन | चंडीगढ़।
सेक्टर-51 स्थित कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज कार्यालय के सामने मैदान में जय श्री रामलीला मंच (रजि.), सेक्टर-51, चंडीगढ़ द्वारा आयोजित श्री रामलीला एवं दशहरा महोत्सव के आठवें दिन शबरी मिलन से लेकर बाली वध तक की लीला का भव्य मंचन किया गया। धार्मिक आस्था, भक्ति और उत्साह से सराबोर इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच. एस. लकी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मंच पर पहुंचने पर कमेटी के पदाधिकारियों ने एच. एस. लकी का भव्य स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के महान आदर्शों का जीवंत प्रतीक है। प्रभु श्री राम का जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में भी मर्यादा बनाए रखने तथा सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
शबरी की अटूट भक्ति ने किया भावुक
आठवें दिन की लीला की शुरुआत शबरी मिलन के भावपूर्ण प्रसंग से हुई। मतंग ऋषि के आश्रम में वर्षों से प्रभु राम की प्रतीक्षा कर रही शबरी की अटूट श्रद्धा और भक्ति का सुंदर चित्रण किया गया। भगवान राम द्वारा शबरी के प्रेमपूर्वक अर्पित बेर स्वीकार करने के दृश्य ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। इस प्रसंग के माध्यम से कलाकारों ने सच्ची भक्ति, प्रेम और समर्पण का संदेश दिया।
राम-सुग्रीव मित्रता और बाली वध का जीवंत मंचन
इसके बाद राम और लक्ष्मण की संकटग्रस्त सुग्रीव से मुलाकात तथा दोनों के बीच मित्रता के प्रसंग का मंचन किया गया। भगवान राम और सुग्रीव के बीच हुए समझौते के बाद बाली वध की लीला को कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। मंचन के दौरान दर्शक पूरी तन्मयता से लीला का आनंद लेते रहे।
कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक प्रसंगों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से रामलीला का सीधा प्रसारण आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी किया जा रहा है।
पूरे आयोजन के दौरान मैदान में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने जय श्री राम के जयकारों के साथ प्रभु राम की लीला का आनंद लिया। आयोजन ने एक बार फिर भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के आदर्शों का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
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