24x7 पानी परियोजना के बाद मनीमाजरा में धंसती सड़कें बनीं हादसों का खतरा, प्रशासन तय करे जिम्मेदारी : राजबीर सिंह भारतीय
पाइपलाइन की लीकेज ठीक होती है, लेकिन सड़कें बदहाल छोड़ दी जाती हैं; सड़क विंग, जल वितरण विभाग या ठेकेदार—जवाबदेही किसकी?
सड़कों की तत्काल मरम्मत, गुणवत्ता की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय करने की मांग
चंडीगढ़, मनीमाजरा, 24 अक्टूबर 2026।
ऑल मनीमाजरा रेजिडेंट्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन, सेक्टर-13, चंडीगढ़ ने मनीमाजरा में 24x7 पानी आपूर्ति पायलट परियोजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइनों के आसपास सड़कें धंसने, गड्ढे बनने और लंबे समय से मरम्मत नहीं होने पर गंभीर चिंता जताई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने प्रशासन और नगर निगम से प्रभावित सड़कों की तत्काल मरम्मत करवाने तथा संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि शिवालिक गार्डन, शिवालिक गार्डन चौक तथा सुभाष नगर, इंदिरा कॉलोनी और समाधि गेट बाजार की ओर जाने वाले मार्गों पर टूटी और धंसी सड़कें लोगों के लिए परेशानी और दुर्घटनाओं का कारण बन रही हैं। दोपहिया वाहन चालकों, साइकिल सवारों और पैदल राहगीरों को विशेष जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। त्योहारों के मौसम में बाजारों और सड़कों पर बढ़ती आवाजाही के कारण हादसों का खतरा और गंभीर हो गया है।
राजबीर सिंह भारतीय ने सवाल उठाया कि पाइपलाइन की लीकेज ठीक करने के बाद सड़क को सुरक्षित स्थिति में बहाल करने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है—नगर निगम के रोड विंग की, जल वितरण विभाग की, संबंधित ठेकेदार की या परियोजना के किसी अन्य विभाग की? पाइपलाइन ठीक हो जाने के बावजूद सड़क को बदहाल छोड़ देना जनता की सुरक्षा के साथ समझौता है।
उन्होंने कहा कि सड़क की खुदाई, पाइपलाइन मरम्मत और उसके बाद सड़क की पुनर्बहाली के कार्यों में विभागों के बीच समन्वय और गुणवत्ता की निगरानी जरूरी है। बार-बार सड़क धंसने पर मिट्टी की भराई, निर्माण सामग्री और मरम्मत की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए। केवल लीकेज ठीक करना पर्याप्त नहीं, सड़क को पहले जैसी सुरक्षित स्थिति में लाना भी अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि जनता टैक्स देती है और सुरक्षित सड़कें तथा बेहतर मूलभूत सुविधाएं प्राप्त करना उसका अधिकार है। प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार न करे। यदि सड़क की बदहाली के कारण दुर्घटना होती है, तो जिम्मेदारी कौन लेगा? संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करना प्रशासन का कर्तव्य है।
एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित सड़कों का तत्काल निरीक्षण करवाया जाए, धंसे हुए हिस्सों और गड्ढों की स्थायी मरम्मत हो, पाइपलाइन कार्य एवं सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच की जाए तथा संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार की जिम्मेदारी स्पष्ट की जाए। मरम्मत पूरी होने तक आवश्यक सुरक्षा संकेतक भी लगाए जाएं, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।शिवालिक गार्डन, शिवालिक गार्डन चौक तथा प्रभावित संपर्क मार्गों का तत्काल निरीक्षण करवाया जाए।
24x7 पानी परियोजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइनों के आसपास धंसी सड़कों और गड्ढों की स्थायी मरम्मत करवाई जाए।
जल वितरण विभाग, रोड विंग, संबंधित ठेकेदार और परियोजना अधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट की जाएं।
सड़क धंसने के कारणों और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता की जांच करवाकर लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाए।
सड़क की खुदाई, पाइपलाइन की मरम्मत और सड़क को दोबारा बहाल करने के लिए स्पष्ट समयसीमा एवं निगरानी व्यवस्था बनाई जाए।
सभी प्रभावित स्थानों पर सुरक्षासंकेतक लगवाए जाएं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तत्काल एहतियाती कदम उठाए जाएं।
राजबीर सिंह भारतीय ने कहा, “जनता-जनार्दन की सुरक्षा विभागीय जिम्मेदारी टालने का विषय नहीं है। पाइपलाइन ठीक करने के बाद सड़क को सुरक्षित बनाना भी उतना ही जरूरी है। प्रशासन स्पष्ट करे कि जिम्मेदारी किसकी है और लापरवाही पर जवाब कौन देगा। हमारा उद्देश्य दोषारोपण नहीं, बल्कि जवाबदेही सुनिश्चित करना और लोगों को हादसों से बचाना है।”
इस मांग का समर्थन एसोसिएशन के चेयरमैन सुभाष धीमान, उपाध्यक्ष शमीम अहमद एवं पास्टर रॉबर्ट विलियम, उर्वशी शर्मा एवं राज सिंह, सचिव अभिजीत सैनी, पूजा एवं ममता सिंह राजपूत, सह-सचिव सैंकी, सतनाम सिंह बैंस एवं आरिफ हुसैन, कानूनी सलाहकार एडवोकेट अरुण कुमार वशिष्ठ तथा सलाहकार जोगेंद्र ठाकुर, सरदार मनजीत सिंह, रमेश चंद, गुरबचन लाल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी किया।
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