सितंबर का वेतन नहीं मिलने पर कर्मचारियों में रोष, 16 अक्टूबर को करेंगे सांकेतिक प्रदर्शन
15 अक्टूबर दोपहर 12 बजे तक वेतन जारी करने का अल्टीमेटम, मांग पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
(पुनीत महाजन) चंडीगढ़, 14 अक्टूबर।
चंडीगढ़ में इंजीनियरिंग विभाग, फायर एवं गैस प्लांट के कर्मचारियों को सितंबर माह का वेतन अब तक नहीं मिलने से कर्मचारियों में भारी रोष है। वेतन जारी करने की मांग को लेकर ज्वाइंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन, चंडीगढ़ की वर्किंग कमेटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। कमेटी ने फैसला लिया है कि यदि 15 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे तक कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं किया गया, तो 16 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारी काम बंद कर एक घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे।
इस संबंध में 14 अक्टूबर को GMCH-32, चंडीगढ़ के गेट नंबर-3 स्थित पार्क में ज्वाइंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन की वर्किंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान सुखबीर सिंह ने की। बैठक में कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलने के गंभीर मुद्दे पर चर्चा की गई और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई गई।
बैठक में बताया गया कि 14 अक्टूबर बीतने के बावजूद संबंधित विभागों के कर्मचारियों को सितंबर माह का वेतन नहीं मिला है। कर्मचारी पिछले एक सप्ताह से लगातार संबंधित अधिकारियों से वेतन जारी करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वेतन में देरी के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं त्योहारों के समय उनकी चिंता और बढ़ गई है।
वर्किंग कमेटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि निर्धारित समय तक वेतन जारी नहीं होने पर 16 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे एक घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि प्रदर्शन के बाद भी वेतन जारी नहीं किया गया, तो मौके पर ही आगे की रणनीति तय कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के संबंध में फैसला लिया जाएगा।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान सुखबीर सिंह ने कहा कि वेतन कर्मचारियों का अधिकार है, कोई भीख नहीं। त्योहारों के समय कर्मचारियों का वेतन रोकना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कर्मचारियों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए बिना किसी देरी के सितंबर माह का वेतन जारी किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। यदि प्रशासन ने समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया, तो इसके परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें