10 साल से गड्ढों में फंसी MHC , Ward 6 की सड़कें, चुनाव आया तो सड़क का काम शुरू होने का सिर्फ दिखावा। शुरू होते ही कुछ दिनों में काम ठप्प ।
₹11.51 करोड़ के आंतरिक सड़क टेंडर पर उठे सवाल—काम शुरू हुआ, फिर रुका; कहीं सड़क ऊंची तो कहीं उखड़ने लगी!
Modern Housing Complex की आंतरिक सड़कों की बदहाली का मुद्दा पिछले लंबे समय से निवासियों के बीच चर्चा में रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई सड़कें करीब 10 वर्षों से मरम्मत/पुनर्निर्माण की प्रतीक्षा में थीं। अब चुनावी माहौल के बीच लगभग ₹11.51 करोड़ के आंतरिक सड़क कार्य का टेंडर सामने आया और काम शुरू भी हुआ—लेकिन काम की रफ्तार और शुरुआती निर्माण को लेकर अब नए सवाल खड़े हो रहे हैं।
दस साल तक गड्ढे, अब चुनाव के आसपास सड़कें याद क्यों आईं? और जब याद आईं तो वो भी सिर्फ कुछ दिन पहले जो की पता है पार्षद साहिबा को की कुछ दिनों में अचार संहिता लग जायेगी और एक अच्छा बहाना मिल जायगा। ये सीधा सीधा जनता के साथ धोखा फरेब है ।
निवासियों का सवाल सीधा है—अगर आंतरिक सड़कें वर्षों से खराब थीं, जगह-जगह बड़े गड्ढे थे और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था, तो इनका स्थायी समाधान पहले क्यों नहीं किया गया?
स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इतने महत्वपूर्ण सड़क कार्य को चुनाव से काफी पहले शुरू कर पूरा नहीं किया जा सकता था?
पूर्व पार्षद जगतार सिंह जग्गा और वर्तमान पार्षद सरबजीत कौर के कार्यकाल को लेकर भी कुछ निवासी सवाल कर रहे हैं कि इतने वर्षों में आंतरिक सड़कों की समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पाया।
यहां सवाल किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि नगर निगम और निर्वाचित प्रतिनिधियों की जवाबदेही का है।
काम शुरू हुआ और फिर रफ्तार पर ब्रेक!
निवासियों के अनुसार सड़क का कुछ हिस्सा तैयार होने के बाद काम फिलहाल रुका हुआ है और इसके लिए बिटुमिनस सामग्री उपलब्ध न होने की बात कही जा रही है।
लेकिन सवाल यह है—
अगर सामग्री उपलब्ध नहीं थी तो काम शुरू करने से पहले पूरी योजना और सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित क्यों नहीं की गई?
और जो हिस्सा बन चुका है, वहां भी कुछ जगहों पर निवासियों ने सड़क की ऊंचाई, सतह की समानता, रोलिंग/कम्पैक्शन और किनारों से सामग्री उखड़ने जैसी समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया है।
इन बातों की पुष्टि केवल देखकर नहीं की जा सकती। इसलिए अब असली जरूरत है नगर निगम की तकनीकी टीम द्वारा साइट निरीक्षण और निर्धारित मानकों के अनुसार जांच की।
तकनीकी टीम बताए—क्या सभी पैरामीटर पूरे हुए?
इतने बड़े सड़क प्रोजेक्ट में जनता को यह जानने का अधिकार है कि—
सड़क की निर्धारित मोटाई कितनी है और वास्तव में कितनी डाली गई?
क्या निर्धारित compaction/rolling पूरी तरह हुई?
सड़क का लेवल और slope निर्धारित मानकों के अनुसार है?
फुटपाथ और सड़क के बीच पर्याप्त ऊंचाई/kerb क्यों नहीं दिख रही?
क्या प्रत्येक layer की तकनीकी जांच हुई?
क्या संबंधित अधिकारियों ने साइट का नियमित inspection किया?
Measurement Book (MB), quality-control reports और संबंधित test reports में क्या दर्ज है?
जिस हिस्से में सड़क उखड़ रही है, उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
₹11.51 करोड़ के काम में केवल सड़क बन जाना पर्याप्त नहीं—सड़क निर्धारित specification के अनुसार बनी या नहीं, इसकी तकनीकी जांच भी जरूरी है।
उद्घाटन के बाद साइट पर कौन देखेगा काम?
निवासियों के बीच यह भी चर्चा है कि पार्षद सरबजीत कौर उद्घाटन के दिन मौके पर पहुंचीं, लेकिन उसके बाद बंद पड़े काम की स्थिति देखने के लिए साइट पर निरीक्षण क्यों नहीं किया जा रहा?
निवासियों का कहना है कि उद्घाटन के पहले दिन की तस्वीरें तो सामने आ जाती हैं, लेकिन अब जनता यह भी देखना चाहती है कि काम की “Before & After” तस्वीरें कब सामने आएंगी।
एक निवासी ने कटाक्ष करते हुए कहा—
“उद्घाटन वाले दिन की फोटो तो डाल दी गई, अब कभी काम बंद होने के बाद की भी फोटो डाल दीजिए, ताकि जनता को पता चले कि उद्घाटन के बाद सड़क कहां तक पहुंची।”
कटाक्ष और भी कड़ा—बंद काम का भी उद्घाटन कर दीजिए!
एक अन्य निवासी ने व्यंग्य करते हुए कहा—
“जब काम बंद ही पड़ा है तो उसका भी उद्घाटन कर दीजिए! कम से कम जनता को यह तो पता चलेगा कि सड़क बनाने का काम शुरू होने के बाद अब बंद होने का भी उद्घाटन हो गया।”
निवासियों का सवाल है कि क्या विकास कार्य का मतलब सिर्फ पहले दिन फीता काटना और फोटो खिंचवाना है, या उसके बाद काम की गुणवत्ता और प्रगति की निगरानी करना भी जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है?
“पहले दिन की फोटो नहीं, पूरा काम चाहिए”
स्थानीय लोगों का कहना है कि जनता को उद्घाटन की तस्वीरों से ज्यादा जरूरत पूरी और गुणवत्तापूर्ण सड़क की है। यदि काम बीच में रुक गया है, कुछ जगह सड़क उखड़ने लगी है और कई हिस्से अभी बाकी हैं, तो संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को मौके पर जाकर स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए।
Gate No. 3 से Underbridge तक सड़क का क्या?
सबसे गंभीर सवालों में से एक Gate No. 3 से Railway Underbridge तक के मार्ग को लेकर है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार इस हिस्से में अभी भी सड़क की स्थिति खराब है और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण लोगों को परेशानी होती है।
निवासियों का सवाल है—
“जब पूरे Complex की internal roads के लिए इतना बड़ा tender है, तो Gate No. 3 से Underbridge तक का रास्ता कब बनेगा? क्या इस हिस्से के लिए भी कोई स्पष्ट timeline है?”
प्रधान तलविंदर सिंह बोले—काम सही तरीके से नहीं हुआ तो होगा धरना
प्रधान एवं समाजसेवी तलविंदर सिंह का कहना है कि सड़क का काम केवल शुरू होना महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि सही गुणवत्ता और सभी निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा भी होना चाहिए।
उनके अनुसार यदि अधूरे हिस्सों को जल्द पूरा नहीं किया गया और सड़क निर्माण में गुणवत्ता संबंधी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ, तो RWA की ओर से धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाया जा सकता है।
उनका कहना है कि सड़क किसी पार्टी की उपलब्धि नहीं, बल्कि Complex के हजारों निवासियों की बुनियादी सुविधा है।
निवासियों के सवाल—चुनाव के साथ विकास की रफ्तार क्यों बढ़ती है?
कुछ निवासियों का कहना है कि चुनाव के समय वर्षों पुरानी समस्याओं पर गतिविधियां बढ़ जाती हैं। बस वो भी बोल वचन चल रहे हैं । कब तक ये बीजेपी पार्टी के नाम पर धोखा करेंगे। सिर्फ मुद्दों से हटा कर बार बार धर्म की राजनीति और पाकिस्तान की राजनीति करेंगे। मुद्दा अभी हमारी समस्याओं का है ।
उनका सवाल है:
“क्या जनता की सड़कें चुनाव की तारीख देखकर बननी चाहिए या उनकी जरूरत के हिसाब से?”
एक अन्य निवासी ने कहा:
“हमें उद्घाटन, पोस्टर या राजनीतिक बयान नहीं चाहिए। हमें ऐसी सड़क चाहिए जिस पर रोज सुरक्षित चल सकें और कुछ महीनों बाद फिर गड्ढे न निकलें।”
निवासियों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि चुनावी बहसों में राजनीतिक मुद्दे तो खूब उठते हैं, लेकिन स्थानीय जनता के रोजमर्रा के सवाल—सड़क, सीवरेज, पार्किंग, सफाई, सुरक्षा और स्ट्रीट लाइट—कितनी प्राथमिकता पाते हैं?
अब जनता पूछ रही है—10 साल का हिसाब कौन देगा?
MHC के निवासियों के लिए सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि सड़क कब बनेगी।
सवाल यह भी है कि—
10 साल तक सड़कें क्यों लंबित रहीं?
काम चुनाव के आसपास ही क्यों तेज हुआ?
काम शुरू करके बीच में रुकने की वास्तविक वजह क्या है?
₹11.51 करोड़ के प्रोजेक्ट में गुणवत्ता की निगरानी कौन कर रहा है?
अधूरे हिस्सों की अंतिम deadline क्या है?
और यदि सड़क निर्धारित technical specifications पर खरी नहीं उतरती तो जिम्मेदारी किसकी होगी?
आखिरी सवाल—जनता को सड़क चाहिए, श्रेय नहीं!
MHC की जनता को यह जानने का अधिकार है कि उसके इलाके में विकास कार्य कब, कैसे और किस गुणवत्ता से हुए। राजनीतिक दल और जनप्रतिनिधि अपने-अपने दावे कर सकते हैं, लेकिन सड़क की गुणवत्ता का फैसला रिकॉर्ड और तकनीकी जांच से होना चाहिए।
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