युवाओं का विश्वास बनाए रखना राष्ट्र की सर्वोच्च प्राथमिकता, पेपर लीक पर सख्त रोक और बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार आवश्यक : राजबीर सिंह भारतीय




चंडीगढ़ 7.08.2026

ऑल मनीमाजरा रेजिडेंट्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन, सेक्टर-13, चंडीगढ़ के अध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है और हमारे बच्चे तथा युवा ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। इन्हीं में से भविष्य के वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, सैनिक, खिलाड़ी, प्रोफेसर, आईएएस, आईपीएस अधिकारी, न्यायाधीश, उद्यमी और देश का नेतृत्व करने वाले अच्छे जनप्रतिनिधि निकलेंगे। इसलिए उनके आत्मविश्वास, सम्मान और भविष्य की रक्षा करना पूरे समाज का साझा दायित्व है।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों विद्यार्थी वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत, उम्मीदों और विश्वास को ठेस पहुंचाती हैं। इसलिए परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष होना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारें परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने, आधुनिक तकनीक अपनाने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा पेपर लीक में शामिल दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही हैं। इन प्रयासों को और अधिक मजबूत बनाकर युवाओं का विश्वास कायम रखना आवश्यक है, ताकि प्रत्येक योग्य विद्यार्थी को उसकी मेहनत का उचित सम्मान मिल सके।

उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ अभद्र व्यवहार नहीं होना चाहिए। यदि किसी कारण परीक्षा प्रभावित होती है, तो छात्रों की मानसिक स्थिति, आर्थिक कठिनाइयों और भावनाओं को समझते हुए उनके साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए। विद्यार्थी अपराधी नहीं, बल्कि देश का उज्ज्वल भविष्य हैं।

उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से भी अपील की कि बच्चों पर अनावश्यक मानसिक दबाव न डालें। उनकी तुलना दूसरों से करने, डांटने या मारपीट करने के बजाय उनसे संवाद करें, उनका मनोबल बढ़ाएं और उनकी प्रतिभा को पहचानें। हर बच्चे की क्षमता अलग होती है और सही मार्गदर्शन, विश्वास तथा प्रोत्साहन मिलने पर वह अपने जीवन में अवश्य सफल होता है।

राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि ईमानदारी, परिश्रम और नैतिकता ही स्थायी सफलता का मार्ग हैं। सरकार, परीक्षा एजेंसियां, शैक्षणिक संस्थान, अभिभावक और समाज यदि मिलकर कार्य करें तो ऐसी व्यवस्था बनाई जा सकती है, जहां हर परीक्षा निष्पक्ष हो, हर प्रतिभा को समान अवसर मिले और हर युवा गर्व के साथ अपने सपनों को साकार कर सके।

"बच्चों को डर नहीं, विश्वास दीजिए; दबाव नहीं, प्रोत्साहन दीजिए; मारपीट नहीं, संवाद कीजिए। निष्पक्ष परीक्षा, सुरक्षित भविष्य और सम्मानपूर्ण वातावरण ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है।"


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