मनीमाजरा बस स्टैंड पर यात्रियों को भीषण गर्मी में भगवान भरोसे छोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण : राजबीर सिंह भारतीय




"विज्ञापनों से कमाई हो सकती है तो यात्रियों के लिए पंखों की व्यवस्था क्यों नहीं?"

"सवारियों के साथ जनता-जनार्दन पूछ रही है – आखिर कब मिलेगी झुलसाती गर्मी से राहत और पंखों की सुविधा?"
चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित सिविल अस्पताल के सामने तथा फन रिपब्लिक थिएटर के साथ बने मनीमाजरा बस स्टैंड की स्थिति आज हजारों यात्रियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। यह बस स्टैंड मनीमाजरा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन का एक प्रमुख केंद्र है, जहां से प्रतिदिन हजारों यात्री सेक्टर-16 सिविल अस्पताल, सेक्टर-32 गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पीजीआई, सेक्टर-17, मंसादेवी मंदिर, आईटी पार्क, सभी स्कूल कालेज, सेक्टर-43 बस स्टैंड, जिला अदालत, हाईकोर्ट, सचिवालय, डेराबस्सी, पिंजौर, पंचकूला, मोहाली, खरड़ तथा चंडीगढ़ के विभिन्न सेक्टरों के लिए बसों के माध्यम से सफर करते हैं।
राजबीर सिंह भारतीय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, मनीमाजरा ईडब्ल्यूएस रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन तथा सुभाष धीमान, चेयरमैन,  ने संयुक्त रूप से कहा कि इस समय चंडीगढ़ में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। ऐसे में बस स्टैंड के शेड के नीचे यात्रियों की सुविधा के लिए एक भी पंखा उपलब्ध नहीं है। बसों की प्रतीक्षा में खड़े रहने वाले बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, विद्यार्थी, कर्मचारी, मजदूर वर्ग और विभिन्न अस्पतालों में इलाज के लिए जाने वाले मरीज भीषण गर्मी और उमस में घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि यह अत्यंत चिंताजनक स्थिति है कि जहां प्रतिदिन सैंकड़ों लोग बसों का इंतजार करते हैं, वहां मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। विशेष रूप से अस्पतालों में जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह स्थिति और अधिक कष्टदायक हो जाती है। गर्मी के कारण किसी भी समय किसी की तबीयत बिगड़ सकती है, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम दिखाई नहीं देता।

राजबीर सिंह भारतीय ने कहा कि सबसे अधिक हैरानी की बात यह है कि बस स्टैंड के चारों ओर बड़े-बड़े विज्ञापन बोर्ड लगाए गए हैं, जिनसे लाखों रुपये की आय अर्जित की जाती है। यदि विज्ञापनों से राजस्व कमाया जा सकता है तो यात्रियों के लिए कुछ पंखे लगाने और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने में आखिर क्या बाधा है? जनता का पैसा और यात्रियों से लिया जाने वाला किराया आखिर किस सुविधा के लिए खर्च किया जा रहा है?

उन्होंने कहा कि प्रशासन समय-समय पर बसों के किराए बढ़ा देता है, लेकिन यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में कोई उल्लेखनीय सुधार दिखाई नहीं देता। यह स्थिति आम नागरिकों के साथ अन्याय के समान है। जनता केवल टैक्स देने और किराया चुकाने के लिए नहीं है, बल्कि उसे सम्मानजनक और सुविधाजनक सार्वजनिक सेवाएं प्राप्त करने का भी पूरा अधिकार है।

उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को "सिटी ब्यूटीफुल" और "स्मार्ट सिटी" कहने मात्र से वह सुंदर और स्मार्ट नहीं बन जाता। किसी भी शहर की असली पहचान उसकी जनता के चेहरे पर दिखाई देने वाली संतुष्टि और मुस्कान से होती है। जब आम लोग भीषण गर्मी में पसीने से तरबतर होकर बसों का इंतजार करने के लिए मजबूर हों, तब स्मार्ट सिटी और सिटी ब्यूटीफुल के दावे खोखले प्रतीत होते हैं।

दोनों पदाधिकारियों ने चंडीगढ़ प्रशासन, चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) तथा नगर निगम से मांग की कि मनीमाजरा बस स्टैंड पर तत्काल प्रभाव से पर्याप्त संख्या में पंखे लगाए जाएं, पीने के ठंडे पानी की समुचित व्यवस्था की जाए तथा यात्रियों के लिए अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएं।

इस अवसर पर बस स्टैंड का उपयोग करने वाली जनता-जनार्दन और सम्मानित सवारियों ने भी प्रशासन से भावुक अपील करते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की। यात्रियों का कहना है कि भीषण गर्मी में बसों की प्रतीक्षा करना किसी परीक्षा से कम नहीं है। कई बार बसों के आने में काफी समय लग जाता है और तब तक लोग गर्मी से बेहाल हो जाते हैं।

सवारियों ने सवाल उठाते हुए कहा, "आखिर कब तक हम इस झुलसाती हुई गर्मी में पसीने से तरबतर होकर बसों का इंतजार करते रहेंगे? कब हमारी सुध ली जाएगी? कब मनीमाजरा बस स्टैंड की सम्मानित सवारियों को पंखों की सुविधा मिलेगी?"

यात्रियों का कहना है कि उन्हें किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं है। वे केवल इतनी अपेक्षा रखते हैं कि जिस बस स्टैंड से प्रतिदिन हजारों लोग सफर करते हैं, वहां कम से कम पंखों की व्यवस्था तो हो ताकि भीषण गर्मी के दौरान कुछ राहत मिल सके।

जनता-जनार्दन का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में चंडीगढ़ को सिटी ब्यूटीफुल और स्मार्ट सिटी बनाना चाहता है, तो उसे सबसे पहले आम नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं और समस्याओं पर ध्यान देना होगा। सुंदर शहर वही होता है जहां जनता संतुष्ट हो, यात्रियों को सम्मान मिले और आम नागरिकों को यह महसूस हो कि प्रशासन उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील है।

मनीमाजरा की जनता, विभिन्न क्षेत्रों में जाने वाली सवारियां तथा सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस जनहित के मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए बस स्टैंड पर पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि हजारों लोगों को इस असहनीय गर्मी से राहत मिल सके।


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