चंडीगढ़ में 20,000 लीटर मुफ्त पानी की योजना को तुरंत मंजूरी मिले — आम आदमी पार्टी
चंडीगढ़ की जनता को राहत देने और आम लोगों के बढ़ते घरेलू खर्च को कम करने के उद्देश्य से आम आदमी पार्टी ने नगर निगम में 20,000 लीटर मुफ्त पानी का ऐतिहासिक एजेंडा पारित करवाया था। 11 मार्च 2024 को मेयर बनने के बाद आम आदमी पार्टी के मेयर कुलदीप कुमार ढलोर द्वारा बुलाई गई पहली जनरल हाउस बैठक में यह एजेंडा पास किया गया।
यह बैठक काफी हंगामेदार रही थी। भाजपा पार्षदों द्वारा लगातार व्यवधान पैदा किए जाने के कारण एक-एक कर भाजपा के लगभग सभी पार्षदों को निलंबित करना पड़ा। इसके बाद सदन में 20,000 लीटर मुफ्त पानी और मुफ्त पार्किंग का टेबल एजेंडा पारित किया गया। यह कदम आम आदमी पार्टी की उस जनहितकारी सोच का हिस्सा था, जिसके केंद्र में आम नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं में राहत देना है।
आम आदमी पार्टी ने वर्ष 2021 के नगर निगम चुनाव घोषणा पत्र में भी वादा किया था कि जिस प्रकार दिल्ली में जनता को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और मुफ्त पानी की सुविधा दी जा रही है, उसी मॉडल को चंडीगढ़ में भी लागू किया जाएगा। उसी वादे को आगे बढ़ाते हुए पार्टी ने नगर निगम सदन में 20,000 लीटर मुफ्त पानी का प्रस्ताव पारित करवाया।
आज चंडीगढ़ के मध्यम वर्ग, कर्मचारियों, बुजुर्गों और गरीब परिवारों पर महंगाई का लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता पर राहत देना सरकार की जिम्मेदारी है। दिल्ली में यह मॉडल वर्षों से सफलतापूर्वक लागू है और लाखों परिवार इसका लाभ उठा रहे हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार हर परिवार को 600 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध करा रही है, जिससे लाखों परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ मिला है।
तमिलनाडु में भी जनता को राहत देने वाली योजनाओं को व्यापक समर्थन मिला है। वहां हाल ही में सत्ता में आई TVK सरकार ने अपने वादे के अनुसार 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा को लागू किया। इससे साफ है कि देशभर में आम जनता को बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में राहत देना अब एक स्वीकार्य और जनहितकारी मॉडल बन चुका है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केवल आम आदमी पार्टी ही नहीं, बल्कि भाजपा शासित कई राज्यों में भी जनता को मुफ्त या सब्सिडी वाली बिजली-पानी की योजनाएं दी जा रही हैं। जब देश के अलग-अलग राज्यों में आम लोगों को राहत देने के लिए ऐसे मॉडल अपनाए जा सकते हैं, तो चंडीगढ़ की जनता को इससे वंचित क्यों रखा जाए?
चंडीगढ़ देश का एक आधुनिक और योजनाबद्ध शहर है। यहां रहने वाले नागरिक टैक्स देते हैं और देश के अन्य शहरों की तरह बेहतर सुविधाओं के हकदार हैं। यदि दिल्ली, पंजाब, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में यह मॉडल सफलतापूर्वक लागू हो सकता है, तो चंडीगढ़ में इसे मंजूरी न देना पूरी तरह जनविरोधी सोच को दर्शाता है।
आम आदमी पार्टी केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन से मांग करती है कि नगर निगम द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से पारित 20,000 लीटर मुफ्त पानी के प्रस्ताव को तुरंत मंजूरी दी जाए ताकि शहर की जनता को राहत मिल सके।
आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ हमेशा की तरह शहरवासियों के हितों और अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी।
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