चंडीगढ़ यूटी बजट 2026–27 – आम आदमी पर भारी बोझ, बड़े कॉरपोरेट के लिए रास्ता खुला




चंडीगढ़, 1 फरवरी 2026 — विजयपाल सिंह, अध्यक्ष, आम आदमी पार्टी, ने कहा कि फाइनेंस बिल 2026 और चंडीगढ़ यूटी बजट 2026–27 बड़े कॉरपोरेट मित्रों के लिए रास्ता खुला रखते हुए आम नागरिक, छोटे व्यापारी, कर्मचारी और पेंशनर्स पर लगातार भार डाल रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि आम आदमी पार्टी इस आर्थिक अन्याय के खिलाफ जनता के साथ खड़ी है और विकासहीन बजट के खिलाफ आवाज उठाएगी।

विक्रांत ए. तंवर, वरिष्ठ नेता, आम आदमी पार्टी चंडीगढ़, व्यापार मंडल के जनरल सेक्रेटरी और स्टेट मीडिया इंचार्ज ने कहा कि बजट और फाइनेंस बिल से आम नागरिक, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग को कोई वास्तविक राहत नहीं मिली। उन्होंने बताया कि आयकर स्लैब ज्यों के त्यों हैं और बेसिक छूट अपरिवर्तित है। उच्च स्लैब पर कर, अधिभार और स्वास्थ्य-शिक्षा शुल्क का बोझ मध्यम वर्ग पर भारी है।

चंडीगढ़ यूटी बजट 2026–27 का विश्लेषण दर्शाता है कि कुल बजट घटकर ₹5,720 करोड़ रह गया है, जबकि 2025–26 में यह ₹6,187 करोड़ था। प्रशासनिक खर्च लगभग 66% है, विकास और नागरिक सेवाओं के लिए राशि ₹1,904 करोड़ रह गई है। नगर निगम के लिए कोई अलग बजट नहीं है और पूंजीगत व्यय यूटी स्तर पर केवल ₹445 करोड़ से कम है। सड़क, ड्रेनेज और स्वच्छता परियोजनाएँ अब भी यूटी-नियंत्रित हैं।

मुख्य निष्कर्ष यह है कि कटौती का बोझ आम नागरिक और विकास कार्यों पर पड़ा है। आम आदमी पार्टी की मांग है कि एमसी चंडीगढ़ के लिए अलग, पारदर्शी और सूत्र-आधारित अनुदान तथा समर्पित पूंजीगत फंडिंग दी जाए।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

भारत विकास परिषद ने स्थापना दिवस पर लड़कियों के लिए खोला सिलाई सेंटर

टी सी टेरीटेक्स लिमिटेड, सरसिनी, लालरू में भव्य जन्मदिन समारोह

“सिल्वर सिटी थीम्स में भव्य रक्तदान शिविर: 75 यूनिट रक्त संग्रह, कैंसर मरीजों के लिए बना जीवनदान