वोटिंग के बीच हाउस छोड़कर चले गए सांसद, यह नेतृत्व नहीं बल्कि गैर-जिम्मेदारी: संजीव राणा
चंडीगढ़।
भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के प्रदेश महामंत्री संजीव राणा ने मेयर चुनाव के दौरान कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी द्वारा सदन छोड़ने के मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह व्यवहार नेतृत्व नहीं बल्कि जिम्मेदारी से भागने का उदाहरण है।
संजीव राणा ने कहा कि सांसद का हाउस छोड़कर चला जाना कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि यह उनकी राजनीति की पुरानी कार्यशैली को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पहले लुधियाना, फिर आनंदपुर साहिब और अब चंडीगढ़ — हर जगह सांसद ने जिम्मेदारी निभाने की बजाय रास्ता बदलने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि मेयर चुनाव के दौरान जब मतदान की प्रक्रिया चल रही थी, उस समय सांसद का बीच में ही हाउस छोड़कर चला जाना यह स्पष्ट करता है कि उनके लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया से अधिक निजी स्वार्थ प्राथमिकता में है।
प्रदेश महामंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में नेता वही होता है जो कठिन समय में डटा रहे। जो व्यक्ति वोटिंग जैसी गंभीर और संवैधानिक प्रक्रिया के बीच हाउस छोड़ दे, उससे जनता भविष्य में किसी भी जिम्मेदारी की उम्मीद कैसे कर सकती है।
संजीव राणा ने चंडीगढ़ की जनता से अपील करते हुए कहा कि अब समय है इस व्यवहार को समझने का। उन्होंने कहा कि जो सांसद लोकतंत्र के सबसे महत्वपूर्ण क्षण में साथ नहीं खड़ा हो सकता, वह शहर और जनता के हितों के लिए कब और कैसे खड़ा रहेगा, यह एक बड़ा सवाल है।
अंत में उन्होंने कहा कि यह केवल हाउस छोड़कर जाना नहीं था, बल्कि जिम्मेदारी, जवाबदेही और जनता के भरोसे को छोड़कर जाना था। चंडीगढ़ की जनता इस आचरण को लंबे समय तक याद रखेगी।
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