*इस बार होगी डबल दिवाली यूनेस्को द्वारा दीवाली को विश्व विरासत उत्सव घोषित किए जाने पर त्वरित वक्तव्य** हरीश गर्ग
चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष हरीश गर्ग एवं महामंत्री भीम सैन , उपाध्यक्ष नीरज गोयल ,राजकुमार सिंगला, कैलाश गर्ग, श्री राम जायसवाल, पवन गर्ग नरेश गर्ग, कानूनी सलाहकार जहान सिंह एवं कोषाध्यक्ष रमेश सिंगला, संगठन मंत्री अजय सिंगला , सचिव उमेश गुप्ता, एवं कैट के वरिष्ठ नेताओं द्वारा अति प्रसन्नता जाहिर करते हुए अपने वक्तव्य मे कहा कि यूनेस्को द्वारा दीवाली को अमूर्त सांस्कृतिक विश्व विरासत के रूप में घोषित किया जाना भारत के लिए और दुनिया भर में इस प्रकाश, सौहार्द और आशा के पर्व को मनाने वाले करोड़ों लोगों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है।
कैट के सलाहकार प्रेम कौशिक ने कहा कि यह वैश्विक मान्यता भारत के कालातीत सभ्यतागत मूल्यों और दीवाली के सार्वभौमिक संदेश—सत्य की असत्य पर, ज्ञान की अज्ञान पर तथा प्रकाश की अंधकार पर विजय—का प्रमाण है। दीवाली केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक सेतु है, जो विश्वभर की समुदायों को जोड़ता है।
हरीश गर्ग ने कहा एक भारतीय होने के नाते हमारी सांस्कृतिक धरोहर के गर्वित संरक्षक के रूप में मैं यूनेस्को के इस निर्णय का हार्दिक स्वागत करता हूँ। यह भारत की समृद्ध परंपराओं, हमारी सामूहिक सांस्कृतिक चेतना और विश्वभर में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय के योगदान को सम्मानित करता है।
व्यापारी नेता होने के नाते हरीश गर्ग,भीम सैन ने कहा कि निश्चित रूप से इस फैसले से व्यापारियों के व्यापार में भी दिवाली के मौके पर असामान्य वृद्धि होगी और यह मान्यता भारत की सॉफ्ट पावर को और सशक्त करेगी, अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कूटनीति को बढ़ावा देगी और हमारे त्योहारों, परंपराओं एवं सांस्कृतिक ethos के प्रति वैश्विक जागरूकता को और व्यापक बनाएगी। इससे देशभर के कारीगरों, शिल्पकारों, व्यापारियों और दीवाली से जुड़े छोटे व्यवसायों को भी नई ऊर्जा और प्रोत्साहन मिलेगा।
हरीश गर्ग ने विशेष रूप से कहा कि मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और उन सभी सांस्कृतिक हितधारकों को बधाई देता हूँ जिन्होंने इस वैश्विक स्वीकृति को संभव बनाने के लिए अथक प्रयास किए।
आज भारत विश्व मंच पर और अधिक उज्ज्वल हुआ है—और दीवाली वास्तव में समस्त मानवता का पर्व बन गई है।
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