CJI मामले को लेकर इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स यूनियन की पंजाब वी यूनिट की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई

मोहाली (8 अक्टूबर): आज यहां इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स यूनियन की पंजाब वी यूनिट की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें 6 अक्टूबर को एक वकील राकेश किशोर द्वारा माननीय सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने की कोशिश की कड़ी निंदा की गई।
संगठन ने इस घटना को बेहद शर्मनाक और संविधान विरोधी बताया तथा आरोपी पर आपराधिक मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।


इस मौके पर बोलते हुए एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी एडवोकेट जसपाल सिंह दप्पर ने कहा कि यह हमला देश के संविधान और सर्वोच्च न्यायालय पर किया गया है, जिससे भारत की छवि पूरे विश्व में धूमिल हुई है। उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करे।
उन्होंने बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 16 सितंबर 2025 को गुजराव मंदर से जुड़ा एक फैसला सुनाया था, जिसमें चीफ जस्टिस श्री बी. आर. गवई ने इस मंदिर से संबंधित कुछ टिप्पणी की थी। इसी को लेकर वकील राकेश किशोर ने कोर्ट में विरोध जताते हुए चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने की कोशिश की, जो एक घृणित अपराध है।

जसपाल सिंह दप्पर ने कहा कि कुछ देश विरोधी ताकतें भारतीय समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटकर देश का माहौल बिगाड़ना चाहती हैं, परंतु वकील बिरादरी ऐसी ताकतों का डटकर विरोध करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा मोदी भाजपा सरकार न्यायपालिका पर दबाव बनाकर फैसले अपने हिसाब से करवाना चाहती है, परंतु यह कभी सफल नहीं होगी, क्योंकि न्यायपालिका संविधान के अनुसार निर्णय देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने यह भी कहा कि बीते कुछ दिनों से भाजपा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ लोग चीफ जस्टिस की जाति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं, जो देश का माहौल खराब करने की साजिश है। लेकिन भारत की जनता लोकतंत्र में विश्वास रखती है और ऐसे गलत इरादों को कभी सफल नहीं होने देगी।

एसोसिएशन के मुख्य प्रवक्ता एडवोकेट दर्शन सिंह धालीवाल ने कहा कि देश में भाजपा सरकार संविधान को समाप्त कर तानाशाही शासन लागू करना चाहती है। इसके लिए उन्होंने मीडिया और अफसरशाही के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है और अब न्यायपालिका को भी नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि देश के वकील, बुद्धिजीवी, किसान, मजदूर और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे और देश में लोकतंत्र ही कायम रहेगा।
उन्होंने कहा कि अगर यही कृत्य किसी अल्पसंख्यक या अन्य धर्म के व्यक्ति ने किया होता तो उसे देशद्रोही करार देकर जेल में डाल दिया जाता। भाजपा के कुछ नेताओं ने भी समय-समय पर मीडिया में सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ बयान दिए, लेकिन सरकार ने कभी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। इस वजह से देश में अराजकता का माहौल पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

एडवोकेट अमरजीत सिंह लोंगिया ने कहा कि देश की निचली अदालतों से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक के जजों को बिना किसी डर या दबाव के फैसले करने चाहिए, क्योंकि देश के 145 करोड़ नागरिक न्यायपालिका पर विश्वास रखते हैं और अब उन्हें केवल अदालतों से ही न्याय की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि पूरा वकील समुदाय न्यायपालिका के साथ खड़ा है, क्योंकि मौजूदा सरकार ने वकीलों को कमजोर करने के लिए एक कानून लाने की कोशिश की थी, लेकिन वकीलों के विरोध के कारण सरकार को पीछे हटना पड़ा।
लोंगिया ने कहा कि भाजपा पार्टी देश के लोगों को धर्म और जाति के नाम पर बांटकर अपनी राजनीतिक कुर्सी पक्की करना चाहती है।

इस मौके पर मोहाली बार एसोसिएशन के प्रधान सनेह प्रीत सिंह, कुलदीप सिंह और गुरवीर सिंह लाली भी मौजूद थे।

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