राज्य में दी जा रही मुफ्त योजनाओं पर पुनर्विचार कर अमीर लोगों को दी जा रही यह रियायतें तुरंत बंद की जाएं: प्रोग्रेसिव फ्रंट पंजाब
मोहाली (4 अक्टूबर) आज "प्रोग्रेसिव फ्रंट पंजाब" की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री पंजाब को एक पत्र के माध्यम से यह मांग की गई कि राज्य में दी जा रही मुफ्त योजनाओं पर पुनर्विचार कर अमीर लोगों को दी जा रही यह रियायतें तुरंत बंद की जाएं।
इस संबंध में प्रेस को संबोधित करते हुए फ्रंट के चेयरमैन एडवोकेट दर्शन सिंह धालीवाल ने कहा कि 1997 से लेकर अब तक की सरकारों की गलत नीतियों के कारण पंजाब पर 3.55 लाख करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ चुका है, जिसमें पिछले पाँच सालों में ही 1.25 लाख करोड़ का कर्ज लिया गया है। अगर सरकार इसी तरह कर्ज लेती रही तो 2025 के अंत तक यह 4 लाख करोड़ से भी ज्यादा हो जाएगा। प्रदेश की जीडीपी का लगभग 48% कर्ज हो चुका है, जो पंजाब के लिए खतरे की घंटी है और सरकार को तुरंत इस बारे में विचार करके पंजाब को बचाना चाहिए। बिजली सब्सिडी के कारण पीएसपीसीएल का 22,000 करोड़ रुपये बकाया हो गया है, जिसके चलते आने वाले दिनों में कर्मचारियों की तनख्वाहें भी बंद हो सकती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा के कारण पेप्सू और पंजाब रोडवेज पर पंजाब सरकार का 800 करोड़ रुपये का बकाया है और पिछले साढ़े तीन सालों से कोई भी सरकारी बस नहीं खरीदी गई। इस मुफ्त यात्रा योजना के कारण दोनों विभाग बंद होने के कगार पर हैं और निजी बस मालिकों को भी घाटा हो रहा है। श्री धालीवाल ने कहा कि ये मुफ्त सुविधाएं केवल जरूरतमंद लोगों को ही मिलनी चाहिए और बाकी के लिए इन्हें तुरंत बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी राजनीतिक पार्टियां और मौजूदा सरकार वोट और नोटों की राजनीति कर रही हैं और लोगों को मुफ्त सुविधाएं देकर उनकी वोटें लेने के लिए रिश्वत दे रही हैं, जो पंजाब के गरीब लोगों के साथ सरासर धोखा है। सरकार की इन नीतियों के कारण प्रदेश में सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों आदि की हालत बहुत खराब है और कई सरकारी विभाग बंद होने के कगार पर हैं।
श्री धालीवाल ने मांग की कि श्री भगवंत मान की सरकार को प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अपनी मशहूरी वाले विज्ञापन तुरंत बंद करने चाहिएं और यह पैसा राज्य के आर्थिक सुधार के लिए उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को पंजाब की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सर्वदलीय बैठक तुरंत बुलाकर सहमति से नई नीति बनानी चाहिए, ताकि राज्य को इस समस्या से बाहर निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को एक महीने के भीतर अपना पक्ष रखना चाहिए, ताकि राज्य के लोग भी खुलकर अपने विचार रख सकें।
इस मौके पर बोलते हुए फ्रंट के प्रधान श्री हरमिंदर सिंह मावी ने कहा कि सरकार को केवल छोटे किसानों को ही मुफ्त बिजली देनी चाहिए और अमीर किसानों की यह सुविधा भी बंद करनी चाहिए। सरकार को अपने वादे के अनुसार 23 फसलों पर एमएसपी देनी चाहिए और किसानों को सस्ते दामों पर बीज, खाद और खेतीबाड़ी के अन्य उपकरण उपलब्ध कराने चाहिए।
इस मौके पर फ्रंट के महासचिव श्री महिंदर सिंह मनौली सूरज ने कहा कि सरकार को राज्य में सरकारी विभागों में पड़ी खाली भर्तियों को तुरंत भरना चाहिए और अस्थायी कर्मचारियों को पक्का कर उनकी अन्य मांगें भी माननी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार राज्य के सरकारी विभागों जैसे बिजली बोर्ड, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी और अन्य कई विभागों को खत्म करके यह काम निजी क्षेत्र को देना चाहती है, जिससे गरीब लोगों का सहारा कोई नहीं रहेगा और राज्य की हालत और भी खराब हो जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी मौजूदा सरकार की होगी।
इस मौके पर अन्य लोगों के अलावा डॉक्टर दलजीत सिंह, रोहित कुमार और परमजीत मलकपुर भी मौजूद थे।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें