एन. के. शर्मा — एक जनसेवक, एक मार्गदर्शक, एक मजबूत नेतृत्व , डेराबस्सी, जिला मोहाली (पंजाब) —
नरेंद्र कुमार शर्मा, जिन्हें लोग एन. के. शर्मा के नाम से जानते हैं, पंजाब के सबसे सक्रिय, ज़मीनी और संवेदनशील नेताओं में गिने जाते हैं। वे दो बार डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं और इससे पहले ज़ीरकपुर नगर परिषद के अध्यक्ष (MC President) भी रह चुके हैं।
शिरोमणि अकाली दल के सीनियर लीडर होने के बावजूद, उन्होंने हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम किया, विशेष रूप से जब बात जनता की सेवा और आपदाओं में राहत की हो।
राजनीतिक सफर और विकासशील दृष्टिकोण-
एन. के. शर्मा का राजनीतिक सफर शून्य से शुरू हुआ, और आज वे एक सफल नेता के साथ-साथ एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बन चुके हैं।
उन्होंने ज़ीरकपुर के छोटे से कस्बे को एक विकसित नगर के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
डेराबस्सी से विधायक रहते हुए उन्होंने दर्जनों गाँवों में-
पक्की सड़कें
स्ट्रीट लाइट्स,
सीवरेज सिस्टम
जल आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाईं।
उनकी पहल पर सरकारी स्कूलों को अपग्रेड किया गया, अस्पतालों में उपकरण व सुविधाएं जोड़ी गईं,और बिजली-पानी जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला गया।
कोविड-19 महामारी में नेतृत्व की मिसाल-
जब पूरी दुनिया कोविड-19 महामारी से जूझ रही थी और लोग घरों में बंद थे, उस समय एन. के. शर्मा ने दिखाया कि असली नेता वही होता है जो संकट में सबसे पहले सामने आए।
उन्होंने अपनी निजी भूमि पर 100-बेड का कोविड राहत सेंटर बनवाया।
यहाँ कोरोना संक्रमितों के लिए फ्री ऑक्सीजन, दवाइयां, चिकित्सक और क्वारंटाइन की व्यवस्था की गई।
उनके नेतृत्व में रोज़ाना सैकड़ों लोगों को खाना, मास्क और सैनिटाइज़र वितरित किए गए।
उन्होंने स्वयं पूरे क्षेत्र में घूम-घूम कर लोगों को स्वास्थ्य नियमों के प्रति जागरूक किया और टीकाकरण अभियान में सहयोग किया।
जुलाई 2023 की बाढ़: सेवा की सच्ची तस्वीर-
2023 में पंजाब में आई भीषण बाढ़ ने मोहाली, डेराबस्सी और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई।
कई गाँव जलमग्न हो गए, सड़कों का संपर्क टूट गया, और लोगों के पास खाना-पानी की कमी हो गई।
ऐसे कठिन समय में एन. के. शर्मा किसी मंत्री की तरह नहीं, बल्कि एक सिपाही की तरह ज़मीन पर उतरे।
वे खुद नाव, ट्रैक्टर और पैदल चलकर बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुँचे।
उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर हज़ारों परिवारों तक पका हुआ खाना, पीने का पानी, दूध और दवाइयाँ पहुँचाई।
उन्होंने प्रशासन से समन्वय कर राहत शिविर, मेडिकल कैंप और अस्थाई शौचालयों की स्थापना करवाई।
बारिश के बीच भी वे लगातार गांव-गांव जाकर लोगों का हाल पूछते रहे।
पर्यावरण जागरूकता: S.E.W.A. अभियान-
एन. के. शर्मा का मानना है कि विकास तभी सार्थक है जब वह प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर हो।
इसी सोच से उन्होंने 2025 में एक बड़ी पहल की — S.E.W.A. (Save Earth, Water and Air) अभियान।
इस अभियान के अंतर्गत:
हज़ारों पौधे रोपे जा रहे हैं,हर घर में वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित किये जाने की कोशिश की जा रही है।
यह अभियान युवाओं और ग्रामीणों में खासा लोकप्रिय हो रहा है।
खेलों को बढ़ावा: युवाओं के भविष्य को दिशा-
एन. के. शर्मा ने हमेशा यह माना कि —
"एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है", और इसी सोच के साथ उन्होंने खेलों को प्राथमिकता दी।
उन्होंने खेल स्टेडियम, ओपन जिम, और मैदानों का निर्माण करवाया।
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए उन्होंने क्रिकेट टूर्नामेंट, कबड्डी, एथलेटिक्स जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित कीं।
कई ग्रामीण खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में उन्होंने मदद की।
खिलाड़ियों को किट, जर्सी, ट्रेनिंग सुविधाएं और मंच प्रदान किया।
उनकी सोच थी — "नशा मुक्त पंजाब का रास्ता खेलों के मैदान से होकर जाता है।"
एक प्रेरणादायक नेतृत्व-
एन. के. शर्मा की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में होती है:
जो जनता से सीधे संवाद करता है,
जो हर आपदा में घर-घर पहुँचता है,
और जो सत्ता में हो या न हो, सेवा करना कभी नहीं छोड़ता।
उनकी सोच स्पष्ट है कि —"जनता मेरा परिवार है",
और शायद यही कारण है कि डेराबस्सी की जनता उन्हें सिर्फ नेता नहीं, परिवार का हिस्सा मानती है।
कर्मयोगी नेता की तस्वीर-
एन. के. शर्मा एक ऐसे राजनेता हैं, जिन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया।
चाहे बात हो:-
विकास कार्यों की,
आपदा प्रबंधन की,
पर्यावरण संरक्षण की,
खेलों को बढ़ावा देने की
या
जनता से सीधा जुड़ाव रखने की —
हर मोर्चे पर वे अग्रणी भूमिका में रहे हैं।
वे आज भी उसी ऊर्जा, प्रतिबद्धता और मानवीय संवेदना के साथ जनता के बीच काम कर रहे हैं।
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