कांग्रेस का ‘धरना-पैकेज’ जारी – ईडी की कार्रवाई से बौखलाहट में आए नेता: संजीव राणा
नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से राहुल गांधी, सोनिया गांधी और सैम पित्रोदा के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज होने के बाद कांग्रेस एक बार फिर अपने पसंदीदा मोड में आ गई — ‘धरना मोड’। चंडीगढ़ में आज कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन कर यह दिखाने की कोशिश की कि कानून की नजरों में पकड़े जाने का मतलब बेगुनाही का प्रमाण है।
भाजपा चंडीगढ़ के मीडिया प्रभारी संजीव राणा ने इस प्रदर्शन को कांग्रेस की बौखलाहट और अपराधबोध की सार्वजनिक स्वीकृति बताया। उन्होंने कहा कि यह वही कांग्रेस है, जो दशकों तक सत्ता पर बैठकर देश की संपत्तियों को अपने निजी क्लब की तरह चलाती रही। अब जब एजेंसियां सबूतों के आधार पर सवाल पूछ रही हैं, तो इन्हें लोकतंत्र और संविधान की चिंता अचानक सताने लगी है।
राणा ने कहा, “कांग्रेस का रवैया अब ऐसा हो गया है जैसे कोई छात्र परीक्षा में पकड़ा जाए और कहे कि शिक्षक को मुझसे निजी दुश्मनी है। सवाल ये नहीं कि कार्रवाई क्यों हुई, सवाल ये है कि भ्रष्टाचार हुआ या नहीं।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “चंडीगढ़ में आज जो धरना हुआ, वो असल में ‘मैं नहीं, वो’ वाली क्लासिक स्क्रिप्ट का लाइव प्रदर्शन था — जैसे स्कूल में होमवर्क न करने पर कहा जाए कि बिजली चली गई, पेन खत्म हो गया या बिल्ली कॉपी खा गई।”
राणा ने स्पष्ट किया कि ईडी की कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत, सबूतों के आधार पर की गई है। “यह कोई भावनाओं या भाषणों का मामला नहीं है, बल्कि दस्तावेज़ी साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की जांच है, जिसमें जवाब अदालतों में देना होता है, न कि माइक और बैनर लेकर सड़कों पर।”
उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अडिग है। “कोई भी कितना ही बड़ा चेहरा क्यों न हो, अगर उसने देश की संपत्तियों को लूटा है, तो उसे जवाब देना ही होगा। देश अब चुप नहीं बैठने वाला।”
राणा ने अंत में चंडीगढ़ की जनता से अपील की कि कांग्रेस के इस ‘राजनीतिक ड्रामे’ से भ्रमित न हों। “कानून अपना काम कर रहा है, और जो भी दोषी होगा, उसे उसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। सच्चाई से भागने वालों की पोल अब जनता के सामने खुल रही है।
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