संजीव खन्ना ने केंद्र सरकार द्वारा किसानों को 44 हजार करोड़ देने पर जताया आभार, धान की खरीद न होने के लिए पंजाब सरकार को ठहराया जिम्मेदार
जीरकपुर, 26 अक्तूबर
डेराबस्सी के भाजपा नेता और राज्य सचिव संजीव खन्ना ने राज्य में धान की खरीद और उठान न होने के चल रहे संकट के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। खन्ना ने प्रदानमंत्री मोदी की अगवाई वाली केंद्र द्वारा इसके लिए किसानों के लिए 44 हजार करोड़ रुपये जारी करने के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया। केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए एमएसपी पर फसलों की खरीद और बारदाने के लिए 2 महीने पहले 44 हजार करोड़ रुपए जारी कर दी थी। बावजूद पंजाब सरकार किसानों को परेशान करने के लिए और माहौल बनाने के लिए जानबूझ कर धान खरीद में देरी कर रही है। संजीव खन्ना ने कहा पंजाब में किसान राज्य सरकार की नालायकी के कारण अपना धान बेचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने पहले ही किसानों के लिए काफी धनराशि जारी कर दी है, लेकिन पंजाब सरकार अपनी ओर से कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। नतीजतन, किसान अपने धान की खरीद व उठाव नहीं होने के विरोध में सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गये हैं। संजीव खन्ना ने कहा कि केंद्र ने 44 हजार करोड़ जारी किए हैं, लेकिन पंजाब सरकार किसानों को पैसा नहीं दे रही है। संजीव खन्ना ने कहा कि किसानों को पंजाब सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान करने में देरी से न केवल उनकी आजीविका प्रभावित हुई है, बल्कि पंजाब की अर्थव्यवस्था को भी काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने पंजाब सरकार से तत्काल कार्रवाई करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि किसानों को बिना किसी देरी के धनराशि वितरित की जाए। उन्होंने संकट के समाधान के लिए राज्य और केंद्र सरकार के बीच उचित प्रबंधन और समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के पास धान खरीद को लेकर कोई प्लानिंग नहीं है। मंडियों में स्टोरेज स्पेस नहीं बनाए गए, जबकि यह काम प्रदेश सरकार का है। सजीव खन्ना ने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि किसान, शैलर व मजदूर और आढ़ती धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हैं। पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार है हर फ्रंट पर फेल साबित हो रही है। आम आदमी पार्टी की सरकार को पता ही नहीं सरकार क्या होती है। संजीव खन्ना ने कहा कि कभी देश के संपन्न राज्यों में शुमार पंजाब अब लगातार कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है। प्रदेश सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार सूबे पर 3,53,600 करोड़ रुपये का कर्ज है। यानी सूबे के हर व्यक्ति पर करीब एक लाख 12 हजार रुपये का ऋण है। यह ऋण साल दर साल बढ़ रहा है जिसे बढ़ाने में आम आदमी पार्टी ने कोई कसर नहीं छोड़ी है जो कर्ज पे परज ले सरकार चला रहें हैं, प्रदेश में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें