पंचकूला व आसपास के निवासियों को जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी या सिर्फ़ आश्वासनों की कड़वी घूंट ही पीनी पड़ेगी- ओ पी सिहाग


पंचकूला ,28 जुलाई :  
जब  2005 -06  में अम्बाला शिमला सड़क की परियोजना सिरे चढ़ने शुरू हुई  तो पंचकूला  व आसपास के लोगों को उम्मीद बढ़ी की अब दिल्ली व शिमला जाना बहुत आसान हो जाएगा परन्तु हुआ उल्टा । इस बारे में पंचकूला जजपा शहरी जिलाध्यक्ष ओपी सिहाग ने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार व उस समय के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियो की अदूरदर्शिता के कारण पंचकूला व आसपास के हजारों लोगों को सेक्टर 20 ,21  व अन्य घघर पार सेक्टरों की तरफ आने जाने व अम्बाला की तरफ आने जाने में हजारो लोग हर रोज लगने वाले लंबे ट्रैफिक जामो से परेशान होते हैं। 
जजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि इन जामो की वजह से जहा लोगों का कीमती समय बर्बाद होता है वही सेंकडो गाड़ियों में डीजल व पेट्रोल का व्यर्थ का खर्चा होता है तथा पर्यावरण भी प्रदूषित होता है। काफी दफा तो एम्बुलेंस व फायरब्रिगेड की गाड़ियां भी जाम में बुरी तरह फस जाती हैं जिससे लोगो के जान माल का नुकसान भी हो जाता है।
ओपी सिहाग ने आगे कहा कि पंचकूला के लोग पिछले काफी सालों से इन लगने वाले ट्रैफिक जामो से छुटकारा दिलाने के लिये खबरे  अखबारों व टी वी चेनलो के माध्यम से सुनते आ रहे हैं ।  कभी खबर पढ़ने को मिलती है कि इस समस्या के हल हेतु अंडरपास बनेगा कभी खबर आती है कि ओवरब्रिज बनेगा ।  
जजपा जिला अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने कुछ महीनों पहले केंद्रीय सडक व परिवहन मंत्री नितिन गड़करी को पंचकूला व आसपास की जनता को इस समस्या से छुटकारा दिलाने बारे पत्र लिखा था ।उन्होंने कहा कि अब वो नितीन गड़करी व हरियाणा के मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री से पुनः  लिखित में आग्रह करेंगे कि वो इस क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को सख्त आदेश दे कि अम्बाला शिमला हाईवे पर ट्रैफिक जाम की समस्या को जल्दी से जल्दी खत्म करने के लिये जहाँ भी ओवरब्रिज या अंडरब्रिज या कोई और रास्ता निकालना हो, वो कार्य करे। 
ओपी सिहाग ने कहा कि आज जीरकपुर व पंचकूला होकर शिमला या अम्बाला या अन्य जगह आने जाने वाले लोग घर से निकलने से पहले भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें जाम की समस्या से दो-चार न होने पड़े। सिहाग ने कहा कि इसके अतिरिक्त अम्बाला से शिमला या पंचकूला आने जाने के लिए डेराबस्सी के ओवरब्रिज से कई दफा जाम लगने लगता है व जीरकपुर के "के'एरिया तक पूरा रोड गाड़ियों से भर जाता है। इस पूरे 5-6 किलोमीटर के रास्ते के बीच लगभग 8 पॉइंट्स ऐसे आते हैं जहाँ तुरंत ओवरब्रिज या अंडरब्रिज बनाने की आवश्यकता है ।

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