गहरे गढ्ढों में बदली पीआर-7 रोड़,सुनवाई करने वाला कोई नहीं, मोहाली जाने वाले हजारों राहगीर रोजाना हो रहे परेशान, पुल निर्माण के चलते सडक़ पर बढ़ा लोड
जीरकपुर। जीरकपुर वासियों को मोहाली व चंडीगढ़ के साथ जोडऩे में अहम भूमिका निभाने वाली पीआर-7 रोड पूरी तरह से गढ्ढों में बदल चुकी है। राहगीरों को इस परेशानी से मुक्ति दिलाना तो दूर सुनवाई करने वाला भी कोई नहीं है। लोगों की इस समस्या के समाधान को लेकर जैक रैजीडेंटस वैलफेयर एसोसिएशन ने अब जिला उपायुक्त को शिकायत की है।
जैक रैजीडेंटस वैलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुखदेव चौधरी ने बताया कि डेराबस्सी व जीरकपुर से रोजाना हजारों लोग चंडीगढ़ व मोहाली जाते हैं। इस समय चंडीगढ़ के प्रवेश द्वार तथा जीरकपुर-डेराबस्सी मार्ग पर घग्गर नदी के पास से ओवर ब्रिज बन रहा है। जिसके चलते सारा ट्रैफिक जीरकपुर में केएफसी से हवाई अड्डे की तरफ जाने वाली सडक़ पर चल रहा है। यहां से निकलने वाली यात्री पी.आर.7 रोड का इस्तेमाल करते हैं।
उन्होंने बताया कि एक बरसात के बाद यह सडक़ पूरी तरह से गढ्ढों में तब्दील हो गई है। सडक़ पर बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। शाम होते ही यहां अक्सर दोपहिया वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। सडक़ पर गहरे गढ्ढे होने के कारण यहां कारें तथा अन्य वाहन खराब हो रहे हैं। जिससे जाम में वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि यहां किसी ट्रैफिक पुलिस कर्मी की भी डयूटी नहीं लगाई जाती है। ऐसे में राहगीरों की समस्याओं का कोई अंत नहीं है।
जैक प्रधान ने बताया कि राहगीरों के पास इस समय इस सडक़ पर चलने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है और नगर परिषद तथा अन्य विभागों का सडक़ की मरम्मत की तरफ कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने बताया कि आज इस सडक़ की फोटोग्राफी करवाने के बाद जिला उपायुक्त को शिकायत की गई है। बहुत जल्द लोगों की इस समस्या के समाधान हेतु जिला उपायुक्त से मुलाकात भी की जाएगी।
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