बार बार कहने पर भी E O जीरकपुर नहीं भरवा रहे बिल्डरों से बकाया रकम ,जीरकपुर में बिल्डरों की तरफ करोड़ों का प्रापर्टी टैक्स वा EDC बकाया;कई बिल्डर प्रोजैक्ट पूरे कर हुए शहर से बाहर,रजिस्ट्री करवाने वाले आम लोगों पर डाला जा रहा बोझपूर्व तथा मौजूदा सरकार बनी मूक दर्शक
जीरकपुर। जीरकपुर नगर परिषद की कोताही के चलते यहां सैकड़ों बिल्डरों की तरफ करोड़ों रुपये प्रापर्टी टैक्स व EDC बकाया है। बिल्डरों तथा नगर परिषद की आपसी मिलीभुगत का खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है जो जीवन भर की पूंजी लगाकर यहां फ्लैट खरीद रहे हैं। नगर परिषद द्वारा बिल्डरों की बजाए सामान्य लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है। पूर्व तथा मौजूदा सरकार इस मामले में मूक दर्शक बनी हुई है।
जैक रैजीडेंटस वैलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखदेव चौधरी ने बताया कि यहां सुषमा बिल्डर, ट्रिपल सी, पंचकूला कांप्लैक्स आदि समेत कई ऐसे बिल्डर हैं जिन्होंने आजतक अपने हिस्से का प्रापर्टी टैक्स नहीं दिया। जबकि इन बिल्डरों द्वारा यहां रैजीडेंशियल तथा कमर्शियल प्रोजैक्टस बना रखे हैं।
चौधरी ने बताया कि यहां बहुत से बिल्डर तो ऐसे हैं जो प्रापर्टी टैक्स तथा ईडीसी की अदायगी किए बगैर ही अपने प्रोजैक्ट पूरे करके दूसरे स्थानों पर जा चुके हैं। अब यहां मकान खरीदने या बेचने वाले लोग जब रजिस्ट्री के लिए जाते हैं तो उनके हाथ में भारी-भरकम बकाए की सूची थमा दी जाती है। चौधरी ने कहा जीरकपुर में यह खेल वर्षों से चल रहा है। पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में हलका इंचार्ज रहे दीपेंद्र सिंह ढिल्लों तथा मौजूदा विधायक का भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। पूर्व विधायक एवं मंत्री एनके शर्मा इसलिए चुप हैं कि क्योंकि वह खुद रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़े हुए हैं। 30 जून तक अगर नहीं भरवाई गई बकाया रकम तो जैक रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन सरकार का बकाया निकलवाने के लिए संघर्ष का बिगुल बजाएगी।
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