*मैडम खेर द्वारा आप पार्षदों के लिए डंगर और जंगली जैसे अभद्र शब्द बोलने पर उनके खिलाफ किया प्रदर्शन हैं: *सन्दीप दहिया*
आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ के प्रदेश महासचिव सन्दीप दहिया ने आप महिला पार्षदों पर भाजपा की सांसद श्रीमती किरण खेर द्वारा डंगर और जंगली जैसे अभद्र शब्द इस्तेमाल किए जाने पर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह सम्मानित सांसद के साथ अब कोई सहानुभूति नहीं दिखा सकते हैं। इसलिए आम आदमी पार्टी की तरफ से उनके और उनकी पार्टी भाजपा के खिलाफ सेक्टर 33 में मुखालय पर प्रदर्शन किया गया। सन्दीप दहिया अपने साथियों के साथ हाथ में बैनर लेकर भाजपा के मुखालय सेक्टर 33 के सामने प्रदर्शन कर रहे थे। तो उनको झड़प चंडीगढ़ पुलिस कर्मियों से हो गई। पुलिसकर्मी बिना एसडीएम की इजाजत के उनके साथ धक्का मुक्की करने लगे। जब सन्दीप दहिया ने उनसे पूछा कि एसडीएम की इजाजत दिखाओ जो आप शांतिमय ढंग से प्रदर्शन करने पर कर रहे हो तो पुलिसकर्मी कोई भी परमिशन की कॉपी दिखा नही पाए।
आम आदमी पार्टी के पार्षदों के लिए डंगर (चारा खाने वाले जानवर) और जंगली जैसे अभद्र शब्दों का उपयोग करना और वह भी महिला पार्षदों के लिए बहुत ही निंदनीय है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि चंडीगढ़ के किसी राजनीतिक नेता ने आज से पहले कभी शहर के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए ऐसी गंदी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया होगा। चंडीगढ़ सांसद महिला और शहर की प्रतिनिधि होने के नाते महिला पार्षदों की गरिमा को बनाए रखने के लिए ज़िम्मेवार हैं। जनप्रतिनिधियों के लिए इस तरह की गंदी और अभद्र भाषा का प्रयोग न केवल पार्षदों का बल्कि शहर की जनता का भी अपमान है.
सन्दीप दहिया ने कहा कि वह श्रीमती खेर के प्रति केवल सहानुभूति ही रख सकते हैं, क्योंकि शहर से उनकी लंबी अनुपस्थिति की आलोचना के कारण वह बहुत अधिक मानसिक तनाव से गुजर रही होंगी और हो सकता है कि इस मानसिक तनाव के कारण वह सही शब्दों का चयन करना भूल गए हों। किरण खेर जी अपनी अभद्र व्यवहार और भाषा के लिए पहले से ही काफ़ी प्रसिद्ध है। मेंबर पार्लियामेंट के इलेक्शन में भी प्रेस क्लब में रेजिडेंशियल से साथ मीटिंग में भी किसी सवाल के जवाब में उन्होंने बोला कि मैं इतनी देर से भोंक रही थी। तब तुमने नही सुना।
मैं ईश्वर से केवल प्रार्थना कर सकता हूं कि वह सम्मानित पार्षदों के प्रति इस तरह की गंदी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के बजाय उसे बेहतर सेंस ऑफ ह्यूमर दें। किरण खेर अपने शब्दो को वापिस लेते हुऐ सभी आम आदमी पार्टी के पार्षदों से माफी मांगे। वरना ये प्रदर्शन जोर पकड़ते हुए उनके घर का भी घेराव करेगा।
विरोध करना हर पार्षद का मौलिक अधिकार है। मेयर की पूरी चुनावी प्रक्रिया जिस तरह से संचालित की गई, वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए एक बड़ी शर्म की बात थी। इसलिए भाजपा द्वारा जनादेश के अपहरण के खिलाफ कड़ा विरोध करना स्वाभाविक था। हमारे विरोध करने वाले पार्षदों को डंगर या जंगली जानवर कहना अनुचित, शर्मनाक, अप्रत्याशित और अनुचित है। आम आदमी पार्टी को उम्मीद है कि यदि भाजपा सांसद द्वारा इस्तेमाल किए गए अभद्र शब्दों पर उन्हें कोई पछतावा है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।अन्यथा पार्टी निर्वाचित पार्षदों की मानहानि करने के लिए विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो सकती है।
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