जायदाद के लालच में अपनी ही औलाद बनी दुश्मन , दुःखी : बुजर्गो की आंखों से आँसू पोछना ही सबसे बड़ा धर्म : ओ पी सिहाग


पंचकूला, 9 जून : जजपा जिला शहरी जिलाध्यक्ष ओपी सिहाग से उनके कार्यलय में एक 83 साल का चलने में लाचार बहुत ही दुःखी व्यक्ति एडवोकेट भूपिंदर सिंह सिद्धू सेक्टर 12 पंचकूला  निवासी आये तथा उन्होंने फोन पर जिला अध्यक्ष सिहाग से सीढिया  चढ़ने में आ रही अपनी असमर्थता बारे बताया । इस पर ओपी सिहाग उनसे मिलने अपने कार्यलय से बाहर आए व उनकी सारी बातें ध्यानपूर्वक  सुनी।
एडवोकेट सिद्धु जो कि पंजाब एवं हरियाणा  उच्च  न्यायालय में वकील रहे हैं, ने अपनी व्यथा सुनाई । दरअसल सिद्धु ने बताया की उनकी दो लड़कियां थी। बड़ी लड़की की कुछ साल पहले मृत्यु हो गई। उन्होंने दोनों लडकियो  की शादी अच्छे परिवारों में की । सिद्धू ने बताया कि  एक एक्सीडेंट में  उनके टांगों व कूल्हे  पर चोट लगी । छोटी लड़की ने कहा कि वो उनकी सेवा करेगी तथा उनको भरोसे में लेकर मकान का एक तिहाई भाग अपने नाम करवा लिया। वो ऊपर के फ्लोर पर आकर रहने लगी। अब वो सारे घर पर कब्जा करना चाहती है तथा हर रोज उसको तथा उसकी पत्नी को तंग किया जाता है।
एडवोकेट सिद्धू ने बताया कि उसने अपने बचाव में व जो ऊपर की मंजिल अपनी बेटी को  दी थी उसकी ट्रान्सफर डीड को कैंसिल कराने बारे  मेन्टेन्स एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन्स एक्ट ,2007 में  दिए गए प्रावधानों अनुसार उपायुक्त पंचकूला के पास नवम्बर 2021 में केस दायर किया था, जिसकी सुनवाई उपमण्डल अधिकारी नागरिक, पंचकूला कर रही है। उन्होंने जजपा जिलाध्यक्ष को बताया कि एस डी एम की अध्यक्षता में जो ट्रिब्यूनल है उसमें कोरम के अभाव में कोई सुनवाई  6-7 महीनों से नही हो रही है। क्योंकि एक सदस्य ने इस्तीफा दे दिया था।हालांकि उपायुक्त पंचकूला द्वारा सामाजिक न्याय विभाग को 6 महीने पहले नया मेम्बर बनाने बारे केस भेज दिया था परंतु वहाँ से अभी तक कोई मंजूरी नही मिली है। एडवोकेट सिद्धू हर दूसरे दिन एस डी एम आफिस में चक्र काट रहे हैं कि उनको इंसाफ मिलेगा।
 जजपा जिलाध्यक्ष ओ पी सिहाग बुजुर्ग भूपेंद्र सिंह की मार्मिक कहानी को सुनकर अपने आंखों के आँसू न रोक सके कि कैसे उनकी सगी बेटी जायदाद के लालच में अंधी होकर अपने ही माँ बाप को प्रताड़ित करके पूरी जायदाद पर कब्जा करने पर तुली हुई है। जजपा अध्यक्ष ने इस सारे मामले बारे एस डी एम पंचकूला  व सामाजिक न्याय विभाग के उच्च अधिकारियों से बात की , उनसे जल्दी से जल्दी सिद्धु फैमिली को न्याय दिलाने की बात की तथा  ट्रिब्यूनल  में नया मेम्बर नियुक्त करने बारे आग्रह किया।
एक बात और निकल कर सामने आई कि केवल पंचकूला शहर में इस तरह के 30 से ज्यादा केस एस डी एम के पास विचाराधीन है ।वो सभी बुजुर्ग भी अपनो के सताए हुए हैं तथा प्रशासन व कानून के रखवालो से न्याय मांग रहे हैं। पर  ट्रिब्यूनल की कोई सीटिंग कोरम के अभाव में पिछले 6-7 महीने से नही हो रही है। वो सभी लाचार अपनो के सताए हुए बुजुर्ग एस डी एम कार्यलय में इंसाफ की उम्मीद में मारे मारे घूम रहे हैं ।जजपा जिला शहरी अध्यक्ष ने कहा कि वो इस मामले को हल करवाने के लिए  पूरा प्रयत्न करके इन दुःखी बुजुर्गों की आंखों से उन आंसुओ को पूंछने का  काम करेंगे जो उनके अपनो ने दिए हैं।

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