मानसून की तैयारी, नगर परिषद फिर दिखा रही लाचारी, जीरकपुर में शुरू नहीं हुई नालों की सफाई, पिछले साल भारी तबाही झेल चुके हैं जीरकपुर वासी
शनाया चौहान :जीरकपुर।
जीरकपुर नगर परिषद ने एक बार फिर से शहर वासियों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। प्रदेश के अन्य शहरों में जहां मानसून से पहले प्रबंधन शुरू हो चुका है वहीं जीरकपुर नगर परिषद इस दिशा में गहरी नींद में सो रही है। पिछले साल जीरकपुर वासी बरसात के दिनों में भारी तबाही झेल चुके हैं। भीषण गर्मी के बावजूद जीरकपुर वासी इन दिनों प्रार्थना कर रहे हैं कि इस बार बारिश न हो। क्योंकि जीरकपुर नगर परिषद ने अतीत की गलतियों से कोई सबक नहीं लिया है।
जैक रैजीडैंटस वैलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखदेव चौधरी ने शहर वासियों की गंभीर समस्या को देखते हुए शहर के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया।
उन्होंने बताया कि लोगों में मानसून को लेकर भय बना हुआ है। ओल्ड अंबाला रोड ढकौली जहां पिछले साल बाढ़ की स्थिति पेदा हो गई थी वहां आज भी पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि बलटाणा में बिल्डरों ने अपने लाभ के लिए पानी निकासी के सभी रास्तों को बंद कर दिया है। शहर के ढकौली, बलटाणा, पीरमुछल्ला, वीआईपी रोड, सैनी विहार आदि इलाकों में बने मुख्य नाले बंद पड़े हुए हैं। यहां कहीं पर भी पानी निकासी के लिए कही फाइनल आउटलैड नहीं है। बरसाती पानी एक सोसायटी से दूसरी और दूसरी से तीसरी सोसायटी में घूमता है। नगर परिषद यह बताने में असमर्थ है कि उनके द्वारा शहर का पानी कहां निकाला जा रहा है।
जीरकपुर में हो जमीन का एक्सरे
जैक रैजीडेंटस वैलफेयर एसोसिशन के अध्यक्ष सुखदेव चौधरी ने कहा कि जीरकपुर में वर्षों पहले पानी निकासी के लिए डाले गए पाइप या तो जमीन में टूट चुके हैं या फिर जमीदोज हो चुकी है। यही नहीं यहां पाइपें बीच में टूटकर बंद हो चुकी है। पानी आर-पार नहीं निकलने के कारण जमीन में समाता रहता है जिस कारण इमारतों को खतरा पैदा होता है। जीरकपुर में पानी निकासी के पाइपों का पता लगाने के लिए जमीन का एक्स रे स्टडी करवाने की मांग करते हुए जैक प्रधान ने कहा कि यहां एक भी कालोनी ऐसी नहीं है जिसका पानी शहर से बाहर जा रहा है। इसके बारे में वास्तिकता पता करने के लिए जमीन का एक्स रे जरूरी है।
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