नायब तहसीलदार ही नहीं बड़ी मछलियों पर भी कार्रवाई करे सरकार, भ्रष्टाचार का अड्डा बनी जीरकपुर नगर परिषद में कार्रवाई जरूरी, बिल्डरों को एनओसी देने में न हो फर्जीवाड़ा
जीरकपुर। पंजाब सरकार द्वारा जीरकपुर के नायब तहसीलदार को निलंबित किए जाने के बाद जैक रैजीडेंटस वैलफेयर एसोसिएशन ने भ्रष्टाचार में लिप्त बड़ी मछलियों एवं राजस्व विभाग के वित्तायुक्त पर भी कार्रवाई की मांग की है। जैक ने आशंका जताई है कि नगर परिषद द्वारा बिल्डरों को एनओसी दिए जाने में फर्जीवाड़ा न किया जाएगा इसके लिए सरकार को निगरानी करनी होगी।
जैक रैजीडेंटस वैलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुखदेव चौधरी ने आज यहां जारी एक जानकारी में बताया कि नायब तहसीलदार के निलंबन के बाद प्रापर्टी टैक्स और सीएलयू की बकाया राशि सरकार के खाते में आने की उम्मीद जगी है।
उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम के बाद तहसील में आज यह साफ कर दिया गया है कि एनओसी के बगैर रजिस्ट्री नहीं होगी लेकिन यह भी सच्चाई है कि नगर परिषद में एनओसी के नाम पर बड़ा खेल हो सकता है। उन्होंने कहा कि केवल एक नायब तहसीलदार को पकडऩे से काम नहीं होगा बल्कि इस भ्रष्टाचार की असल जड़ राजस्व विभाग के वित्तायुक्त के कार्यालय तक फैली हुई है।
जीरकपुर नगर परिषद में फैले भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग करते हुए सुखदेव चौधरी ने कहा कि अब यहां एनओसी दिए जाने की प्रक्रिया की जांच की जरूरत है। क्योंकि बिल्डरों के दबाव में काम करने वाली नगर परिषद के अधिकारी पिछली तारीखों में आधे-अधूरे दस्तावेजों के साथ एनओसी दे सकता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जैक द्वारा मुख्यमंत्री को भी बिल्डरों के बीस हजार बकाया पर फाइल सौंप चुके हैं।
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