जीरकपुर: गढ्ढों में सडक़ या सडक़ों पर गढ्ढे,,,चुनाव से पहले कांग्रेस व परिषद ने किए थे बड़े-बड़े ऐलानट,, टूटी सडक़ें दे रही हादसों को न्यौता, राहगीर परेशान
शनाया चौहान :जीरकपुर।
जीरकपुर की अधिकतर सडक़ें गढ्ढों में तब्दील हो चुकी हैं और लोग परेशान हो रहे हैं। नगर परिषद तथा संबंधित विभागों की इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। पंजाब में नई सरकार भले ही आ चुकी है लेकिन अभी धरातल पर इसका असर दिखना शुरू नहीं हुआ है। चुनाव के दौरान शहर वासियों के साथ लंबे-चौड़े वादे करने कांग्रेसी नेता अब गायब हो चुके हैं।
शहर वासियों की इस समस्या के मद्देनजर जैक रैजीडेंटस वैलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुखदेव चौधरी ने शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा करने के बाद बताया कि यहां डीपीएस स्कूल रोड, ढकौली मार्ग, सनौली मार्ग की सडक़ें बुरी तरह से टूटी हुई हैं। यह सारा इलाका जीरकपुर नगर परिषद प्रधान के वार्ड में आता है।
शहर वासियों की मांग पर सुखदेव चौधरी ने जैक प्रतिनिधि प्रियंकर भारद्वाज, किरण शर्मा, अशोक गुप्ता, जसविंदर कौर, जे.सी.पॉल,आर.पी शर्मा, एस के विशिष्ट, कुलदीप कौर, संदीप राणा, अजय कुमार, नीतू, मनमोहन सिंह, एचएस चीमा, एडवोकेट विनय कुमार ने बताया कि बालीवुड हाईटस रोड, सांई मार्केट रोड, ओल्ड अंबाला रोड, गाजीपुर, नगला रोड, एम.एस. एन्कलेव रोड की हालत दयनीय है। बहुत सी जगहों पर नगर परिषद पाइपें डालने के लिए सडक़ों को उखाडऩे के बाद ऐसे ही छोड़ दिया गया है।
टूटी सडक़ों के कारण जहां पूरा दिन इलाके में धूल-मिट्टी उड़ती रहती है वहीं दोपहिया वाहन चालक आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। सुखदेव चौधरी ने बताया कि यहां अधिकतर इलाकों में स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। स्ट्रीट लाइटों के अभाव में सडक़ों पर हुए गढ्ढों में लोग आए दिन गिर रहे हैं।
चुनाव से पहले नगर परिषद प्रधान द्वारा अपने पिता एवं कांग्रेस प्रत्याशी दीपेंद्र सिंह ढिल्लों को लाभ पहुंचाने के लिए जगह-जगह काम तो शुरू करवा दिए गए लेकिन अब उन्हें बीच में छोडक़र गायब हो गए हैं।
चौधरी ने बताया कि नगर परिषद से पता चला है कि परिषद प्रधान द्वारा बिना मंजूरी के लिए यहां काम शुरू करवा दिए गए, लेकिन चुनाव में इसका लाभ नहीं मिलने के कारण काम बीच में ही बंद हो गए हैं। जिसके चलते सडक़ें टूटी हुई हैं।
सुखदेव चौधरी ने बताया कि जीरकपुर में सडक़ निर्माण के लिए नगर परिषद ही नहीं बल्कि अन्य विभाग भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि जैक द्वारा बहुत जल्द अधिकारियों के साथ मुलाकात करके शहर की टूटी हुई सडक़ों की सूची सौंपते हुए न केवल निर्माण की मांग की जाएगी बल्कि चुनाव के दौरान बिना मंजूरी के विकास परियोजनाएं शुरू करवाकर सडक़ें तोडऩे वाले परिषद प्रधान के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें