संविधान में किए जा रहे बदलाव को रोकने के लिए किया अंदोलन गठित - संविधान में बदलाव बर्दाश्त नही किया जाएगा : प्रदीप सूद
शनाया चौहान: जीरकपुर ।
पिछले काफी समय से भारत के संविधान के साथ छेड़छाड़ की जा रही है जो आम जनता की आवाज को दबाने की कोशिश के तहत किया जा रहा है जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नही किया जाएगा, यह कहना है नव गठित "संविधान बचाओ अंदोलन" के राष्ट्रीय प्रधान प्रदीप सूद का। बीती 2 अप्रैल को एससी, एसटी, व बीसी समाज के लोगों द्वारा भारतीय संविधान को बचाने के लिए एक संविधान बचाओ अंदोलन नामक संस्था बनाई गई। जिसका गठन करते हुए प्रदीप सूद और प्रेम सिंह को राष्ट्रीय प्रधान नियुक्त किया गया। इसको लेकर संस्था द्वारा प्रैस क्लब जीरकपुर में एक विशेष मीटिंग के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियों द्वारा भारतीय संविधान में बदलाव किया जा रहा है। जिसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नही किया जाएगा। इस दौरान मौजूद प्रदीप सूद, प्रेम सिंह, रविंदर पाल, मुकेश अनारिया, जसबीर सिंह, प्रेम सिंह, गुरविंदर सिंह, चरनदास, धर्म सिंह, बिल्लू वाल्मिकी, रोकी वाल्मिकी बाबू राम, विकास विडलान, सुखचैन सिंह और आशु ने कहा कि यह संस्था बनाने का मकसद एससी, एसटी और बीसी समाज के लोगों की आवाज को पूरे भारत मे बुलंद करना है और अपने हकों के लिए वह मर मिटने को तैयार है। उन्होंने कहा कि बाबा साहिब अंबेडकर द्वारा भारत का संविधान आम लोगों के लिए लिखा गया था लेकिन पूंजीपति अपने हिसाब से बदलाव करना चाहते हैं। जो वह हरगिज नही होने देंगे भले इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। इस दौरन प्रदीप सूद, रोकी वाल्मिकी और मुकेश अनारिया ने कहा कि वह अपने संविधान को बचाने के लिए सर पर कफन बांध कर निकले हैं। इसके लिए पूरे भारत में संविधान बचाओ अंदोलन की इकाई बनाई जाएंगी और इस अंदोलन को पूरे भारत मे फैलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि आप अब इंटरनेट पर भारत का संविधान पढ़ो उस मे बदलाव कर दिए गएं हैं। इंटरनेट पर दिए गए संविधान में हिन्दू देवी देवताओं की फोटो लगा दी गई है। जबकि बाबा साहिब द्वारा जो संविधान लिखा गया था। वह धर्म पर आधारित नही था बल्कि लोगों की भलाई के लिए बनाया गया था। इस लिए संविधान में किए जा रहे बदलाव के खिलाफ वह हर स्तर की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
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