सुविधा की बजाए दुविधा बन रहे जीरकपुर के बदहाल पार्क,चुनावी वादे करके गायब हुए नेताओं को तलाश रही जनता, रख-रखाव पर लाखों का बजट फिर भी सुविधाओं के नाम पर शून्य
जीरकपुर। जीरकपुर में बने हुए पार्क आम जनता के लिए सुविधा की बजाए दुविधा बन रहे हैं। यहां नगर परिषद द्वारा पार्कों के रख-रखाव पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं इसके बावजूद धरातल पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। हालात यह है कि शहर के ज्यादातर पार्कों में आवारा पशुओं की भरमार है और नशेडिय़ों व ताश खेलने वालों का कब्जा है, जिसके चलते लोगों ने इन पार्कों की तरफ आना बंद कर दिया है खासतौर पर महिलाएं शाम ढलते ही पार्क से निकलना बेहतर समझती है।
शहर वासियों की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष उठाने वाले जैक रैजीडेंटस वैलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखदेव चौधरी व जैक टीम के सदस्य रवि शर्मा, अशोक जिंदल, संजीव बंसल , एडवोकेट अरविंदर सिंह ने बताया कि ढकौली के ग्रीन वैली पार्क का दौरा किया तो देखा कि यहां लगे झूले टूटे हुए हैं। पार्क में जहां-तहां गैर जरूरी घास खड़ी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि यहां 25 के करीब सोसायटियों के लिए यह पार्क है लेकिन रख-रखाव के अभाव में यह पार्क खत्म हो चुका है। यहां न तो पानी की और न ही शौचाल्यों की कोई व्यवस्था है।
सबसे अधिक मुश्किल पार्क में आने वाली महिलाओं को होती है। उन्होंने बताया कि सैर तथा योगा आदि करने के लिए बने पार्क में क्रिकेट खेलने वालों ने कब्जा कर रखा है। जिसके चलते महिलाओं को सैर करने में काफी दिक्कते आते हैं।
सुखदेव चौधरी ने शहर के कुछ पार्कों का दौरा करने के बाद बताया कि ज्यादातर पार्कों में आवारा पशुओं का कब्जा है। कई जगह तो शाम ढलते ही नशेड़ी अपना अड्डा जमा रहे हैं। जिस कारण अब लोगों ने पार्कों में जाना छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे करने वाले कांग्रेस इंचार्ज दीपेंद्र ढिल्लों तथा उनका बेटा नगर परिषद प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों अब गायब हो गए हैं। उन्होंने बताया कि नगर परिषद द्वारा इन पार्कों के रख-रखाव पर हर महीने लाखों रुपये खर्च करने का दावा किया जा रहा है लेकिन धरातल पर कुछ नहीं है। इस संबंध में आरटीआई लगाकर परिषद से जानकारी मांगी जाएगी। चौधरी ने बताया कि शहर में आज एक भी पार्क ऐसा नहीं बचा है जहां लोग सुबह-शाम जाकर सैर कर सकें और उन्हें वहां सुविधाएं मिलें। शहर के पार्कों में सुविधाओं के नाम पर नगर परिषद में घोटाला किया जा रहा है। सुखदेव चौधरी व सदस्यों ने नगर परिषद प्रधान से यह मांग की कि वह नई पार्कों बनाने की बजाय पुरानी पार्कों को पहले ठीक करें
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