*भ्रष्टाचारी या अधिकारी कौन बैठा है पंचकूला नगर निगम में**पंचकूला नगर निगम की कुर्सियों को कमाऊ पूत की जरूरत**ईमानदार अधिकारियों का कर दिया जाता है तबादला: देवराज शर्मा*


शनाया चौहान :पंचकूला
आज पंचकूला नगर निगम की इमारत और पंचकूला नगर निगम की कुर्सियां सवाल पूछ रही है कि इस इमारत में इन कुर्सियों पर बैठने वाले आखिर कौन हैं??क्या इन कुर्सियों पर बैठने वाले इमानदार अधिकारी हैं या फिर  भ्रष्टाचारी???। 
पंचकूला नगर निगम में भ्रष्टाचार की फेहरिस्त लगातार लंबी होती चली जा रही है। इस फेहरिस्त में जितने भी भ्रष्टाचार हुए हैं, उन भ्रष्टाचार को पंचकूला विकास मंच द्वारा लगातार उठाया जा रहा है ।पंचकूला विकास मंच लगातार उन सभी भ्रष्टाचार की पोल खोल रहा है जो पंचकूला नगर निगम के अधिकारियों की नाक के नीचे हो रहे हैं या खुद अधिकारियों द्वारा ही किए जा रहे हैं। पंचकूला विकास मंच ने आरोप लगाए हैं कि करोना काल में दाह संस्कार के रुपए में हुए गबन की जांच करने वाले अधिकारी का तबादला कर दिया गया। पंचकूला विकास मंच ने कहा है कि ज्वाइंट कमिश्नर विनेश का तबादला एक सोची समझी साजिश है क्योंकि दिनेश करोना काल में हुए दाह संस्कार के पैसों के गबन की जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे थे ।उनकी जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद अधिकारियों के पैरों तले से जमीन खिसक गई और उनके खिलाफ झूठी खबरें बनवा कर उन पर झूठे इल्जाम लगाकर पंचकूला नगर निगम के उच्च अधिकारियों द्वारा जबरदस्ती उनका तबादला करवा दिया गया और यह तबादला सरकार द्वारा किया गया है, यह कहकर पंचकूला नगर निगम के उच्च अधिकारी अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। विकास मंच ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि जिस तरह से जांच चल रही थी, गबन के पैसों में जिस जिसका नाम आ रहा था वह नाम सामने ना आ पाए इसलिए ज्वाइंट कमिश्नर दिनेश का तबादला किया गया है । पंचकूला विकास मंच ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पंचकूला नगर निगम में कमाऊ पूत की ही जरूरत है ,जो खुद भी खाए और इन्हें भी खिलाएं ।पंचकूला नगर निगम के अधिकारियों के मन में साफ है कि जो कमाऊ पूत होगा वही पंचकूला नगर निगम में रहेगा और जो कमाऊ पूत साबित नहीं होगा उसे मिलीभगत द्वारा नगर निगम के बाहर का दरवाजा दिखा दिया जाएगा । एक बड़ी मिलीभगत के द्वारा ज्वाइंट कमिश्नर विनेश का तबादला किया गया है ।पंचकूला विकास मंच ने फॉगिंग मशीनों में हुए घोटाले को भी उजागर किया है। उनका कहना है कि फागिंग मशीनों का मामला विधायक और हरियाणा विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता के बहुत करीबी रिश्तेदार से जुड़ा है जिस वजह से इस मामले पर भी पर्दा डाला जा रहा है। विकास मंच ने कहा कि जब तक हमें हमारे सवालों के जवाब नहीं मिल जाते और भ्रष्टाचार की फेहरिस्त खत्म नहीं हो जाती तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा और हम इसी तरह से आवाज उठाते रहेंगे। इस बाबत जब हमने मेयर कुलभूषण गोयल से बात की तो उन्होंने माइक पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया लेकिन कहा कि चार लोगों के गलत कह देने से मैं गलत नहीं हो जाता। पंचकूला नगर निगम पर लगाए जा रहे आरोप झूठे हैं और दाह संस्कार में भी कोई घोटाला नहीं हुआ है। ना ही फागिंग मशीनों को लेकर कोई घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि ज्वाइंट कमिश्नर विनेश का तबादला भी सरकार द्वारा किया गया है ना कि मेरे द्वारा । लेकिन सवाल यहां यह पैदा हुआ है कि अगर मेयर कुल भूषण गोयल इतनी सफाई दे रहे हैं तो वह इन आरोपों पर माइक पर आकर बात क्यों नहीं कर रहे। मेयर कुलभूषण गोयल को आखिर किस बात का डर है । मीडिया के सवालों से बचते नजर क्यों आ रहे हैं। जिस तरह के आरोप पंचकूला विकास मंच लगातार पंचकूला नगर निगम पर लगा रहा है उन आरोपों का क्या जवाब है कुल भूषण गोयल और ज्ञान चंद गुप्ता के पास। पंचकूला विकास मंच का कहना है कि पंचकूला नगर निगम का दरवाजा भ्रष्टाचार से शुरू होकर भ्रष्टाचार पर ही खत्म होता है। आखिर अगर वहां भ्रष्टाचार हो रहा है तो क्या कुलभूषण गोयल और ज्ञान चंद गुप्ता इससे वाकिफ नहीं है और अगर वाकिफ नहीं है तो क्यों नहीं है । क्या उनकी जिम्मेदारी नहीं बनती पंचकूला नगर निगम में होने वाली हरेक गतिविधि की जानकारी होना। क्या वह सिर्फ कुर्सी तक सीमित रह गए हैं और दूसरा सवाल यह है कि अगर वह इन भ्रष्टाचारियों से वाकिफ हैं ,उन्हें पंचकूला नगर निगम में चल रहे भ्रष्टाचार की जानकारी है तो फिर क्यों नहीं भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ कर फेंक दिया जा रहा ? क्यों इस भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही नहीं की जा रही है और जो कार्यवाही करने वाले अधिकारी हैं उनके तबादले बिल्कुल मौके पर क्यों किए जा रहे हैं???इन सभी सवालों का जवाब ना सिर्फ पंचकूला विकास मंच बल्कि शहर की जनता भी मांग रही है। वही जनता जिसने अपने कीमती वोट देकर इन लोगों को इस नगर निगम में बिठाया है। अब इंतजार है मेरे कुल भूषण गोयल और विधायक ज्ञानचंद गुप्ता के जवाब का। यहां पंचकूला विकास मंच ने भी साफ तौर पर स्पष्ट करते हुए कह दिया है कि हम यहां से अपनी लड़ाई खत्म नहीं करेंगे। यह लड़ाई तभी खत्म होगी जब भ्रष्टाचार खत्म होगा।

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