सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों और एनके शर्मा *विधायक पद की गुणवत्ता है दोनों में मौजूद*


शनाया चौहान: जीरकपुर
पंजाब विधानसभा 2022 के चुनावों के प्रचार प्रसार में सिर्फ आज और कल का दिन बाकी है 20 फरवरी को मतदान किया जाएगा और 20 फरवरी की शाम सभी की किस्मत के ताले वोटों के डिब्बों में लग जाएंगे
यह बंद ताले खुलेंगे 10 मार्च को और होगा फैसला की किसे चुना है हल्का डेराबस्सी की जनता ने। 
लेकिन अगर आज बात करिए एन के शर्मा और दीपेंद्र सिंह ढिल्लों में विधायक पद के गुणवत्ता की तो एक विधायक बनने की गुणवत्ता दोनों ही दिग्गजों में मौजूद है
सबसे पहले बात करते हैं सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों की
दीपेंद्र सिंह ढिल्लों जहां हलका डेराबस्सी में बेहद पढ़े लिखे और खानदानी परिवार से ताल्लुक रखने वाले उम्मीदवार हैं। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में अपने अधिवक्ता के रूप में सेवाएं दे चुके हैं और वह एक ऐसे पिता के पुत्र हैं जो बहुत ही ईमानदार न्यायाधीश के रूप में जाने जाते हैं ।वही सरदार दीपिंदर सिंह ढिल्लों के खिलाफ एक भी मामला दर्ज नहीं है, जबकि बाकी उम्मीदवारों के खिलाफ हलका डेराबस्सी में कोई ना कोई मामला दर्ज जरूर है। इस मामले में सरदार दीपिंदर सिंह ढिल्लों बिल्कुल साफ सुथरे उम्मीदवार हैं और पिछले 8 से 9 महीनों में उन्होंने हलका डेराबस्सी में विकास की झड़ी भी लगातार लगाई है। जिसके चलते जनता का पलड़ा उनकी तरफ भी झुक सकता है। 
अगर बात करें एनके शर्मा की तो एन के शर्मा अकाली दल के सबसे दिग्गज नेताओं के रूप में सबसे आगे गिने जाते हैं। एनके शर्मा ने जब से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया है उसके बाद उन्होंने जिस तरह की मेहनत अपने राजनीतिक सफर को आगे बढ़ाने के लिए की है, वह मेहनत हमेशा कामयाब रही है और उन्होंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा ।एनके शर्मा अपने वक्त में जीरकपुर के सबसे कम उम्र के प्रधान बने थे । शर्मा सरपंच भी रहे हैं और इसके साथ ही उन्होंने अपनी काबिलियत के दम पर तीनों नगर परिषदों पर अपना परचम लहराया था और उसके बाद लगातार दो बार विधायक के रुप में जनता के बीच में नजर आए हैं। विधायक एनके शर्मा का लगातार दो बार विधायक बनना और आज तक एक भी चुनाव ना हार ना कहीं ना कहीं उनकी मेहनत को दर्शाता है। हालांकि इस बार तीनों नगर परिषदों से उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा है, लेकिन दिग्गज नेता की पहचान होती है कि वह हमेशा डटे रहते हैं। एनके शर्मा ने भी अपनी हार नहीं मानी है और आने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों में वह पूरे जोर-शोर से अपना चुनावी बल्ला लेकर चुनावी पिच पर उतरने के लिए तैयार हैं  जैसा कि पहले भी कहा गया है कि आखरी बॉल पर सिक्सर मारकर चुनावी मैच जीतना एनके शर्मा की काबिलियत रही है और इसी काबिलियत के भरोसे वह अब विधानसभा चुनावों में भी लगातार जन संपर्क साध रहे हैं और चुनावी मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि एनके शर्मा के खिलाफ कुछ मामले दर्ज है। अब तीनों नगर परिषद में जिस तरह से कांग्रेस का परचम लहरा रहा है, तो सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों की नीव काफी मजबूत नजर आ रही है, लेकिन हलका डेराबस्सी से दो बार विधायक रहे एनके शर्मा की फैन फॉलोइंग भी कुछ कम नहीं है। वह आज भी हलका डेराबस्सी की ज्यादातर जनता के दिल पर राज करते हैं। 
पंजाब विधानसभा चुनावों में डेरा बस्सी में 4 सिरों पर राजनीतिक दलों के उम्मीदवार खड़े हैं, लेकिन फिलहाल कांग्रेस प्रत्याशी सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों और विधायक एनके शर्मा में कांटे की टक्कर होने वाली है और दोनों ही राजनीतिक दलों को पूरा पूरा भरोसा है कि जीत उनकी होगी। आने वाली 20 फरवरी को उम्मीदवारों की किस्मत के डिब्बे जो बंद किए जाएंगे , उन किस्मत के डिब्बों में लगे ताले 10 मार्च को खोले जाएंगे।किस की किस्मत का ताला 10 मार्च को खुलता है और किस की किस्मत का ताला अगले 5 सालों तक बंद रहेगा, यह देखना काफी दिलचस्प रहेगा।

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