कांग्रेस में किसी की इज्जत नहीं हर किसी का यही इल्जाम कांग्रेस मौका परस्त


शनाया चौहान: जीरकपुर

हलका डेराबस्सी में शिरोमणि अकाली दल में जहां उसके कार्यकर्ताओं से लेकर आम लोगों को भी एक मान सम्मान और इज्जत दी जाती है, वही आम आदमी पार्टी द्वारा भी आम लोगों के साथ इज्जत से पेश आया जाता है। अगर बीजेपी की बात की जाए तो बीजेपी भी सभी के साथ एक समानता वाला व्यवहार करती है और बीजेपी में मान सम्मान का खास खयाल रखा जाता है। लेकिन अगर यहां बात करें कांग्रेस की, अक्सर कांग्रेस पर इल्जाम लगते आए हैं कि कांग्रेस द्वारा अपने ही कार्यकर्ताओं को इज्जत नहीं दी जाती। जिसकी वजह से कई कार्यकर्ता कांग्रेस से अपना पल्ला झाड़ कर दूसरी पार्टियों में शामिल हो गए। उनका यही इल्जाम था कि नगर प्रधान द्वारा भी घंटों ऑफिस के बाहर बैठाया जाता है और घंटों बाद भी बिना मिले उन्हें वापस भेज दिया जाता है । जिसके चलते कुछ महीनों पहले कमलजीत सैनी ने भी कांग्रेस को छोड़कर आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया था ।कमलजीत ने भी कांग्रेस पर यही आरोप लगाए थे कि कांग्रेस में मान सम्मान के नाम पर कुछ नहीं है ।कांग्रेस वाले हारे हुए पार्षदों को वह इज्जत नहीं देते जिस इज्जत के वह हकदार हैं। आपको बता दें कि कमलजीत सैनी ने नगर परिषद चुनावों में कांग्रेस के लिए जी तोड़ मेहनत की थी। उनकी पत्नी चुनाव के लिए खड़ी हुई थी, लेकिन चुनाव हार गई थी। चुनाव हारने के बाद कमलजीत सिंह सैनी के साथ कांग्रेस में एक बेगाना बर्ताव किया गया ।जिसके चलते कमलजीत सिंह सैनी ने कांग्रेस को छोड़ना ही बेहतर समझा । उस वक्त भी कमलजीत सिंह सैनी ने कहा था कि आम आदमी पार्टी इसीलिए ज्वाइन की है क्योंकि आम आदमी पार्टी में हर किसी को सामान इज्जत दी जाती है। जितने भी कार्यकर्ता कांग्रेस छोड़कर अकाली दल या आम आदमी पार्टी में शामिल होते हैं, उन सब का यही इल्जाम होता है कि कांग्रेस एक मौकापरस्त पार्टी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कितनी भी मेहनत कर ली जाए, लेकिन फिर भी अपमान सहना पड़ता है । कुछ कार्यकर्ताओं ने यह इल्जाम भी लगाया था कि कांग्रेस के दफ्तर में जो मुलाजिम बैठे होते हैं, वह उन कार्यकर्ताओं की बात सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों या फिर सरदार उदयवीर सिंह ढिल्लों तक पहुंचाते ही नहीं और गेट से ही उन कार्यकर्ताओं को वापस भेज दिया जाता है। जिसके चलते अक्सर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष बना रहता है और सिर्फ यही वजह है कि कांग्रेस को छोड़कर यह कार्यकर्ता शिरोमणि अकाली दल या आम आदमी पार्टी का दामन थाम लेते हैं । अगर हम बात करें शिरोमणि अकाली दल की एनके शर्मा द्वारा हर एक कार्यकर्ता को वह मान सम्मान दिया जाता है, जिसके वह हकदार हैं और हर एक कार्यकर्ता के कार्य को इज्जत की नजरों से देखा जाता है ।शिरोमणि अकाली दल के ही कार्यकर्ताओं का कहना है कि विधायक शर्मा अपने अकाली परिवार के लिए हमेशा आगे रहते हैं और अकाली कार्यकर्ताओं के मान सम्मान को कभी ठेस नहीं पहुंचाई जाती। शर्मा हर कार्यकर्ता के लिए वक्त निकालते हैं और किसी भी कार्यकर्ता को शर्मा तक पहुंचने के लिए दफ्तर के किसी मुलाजिम के आगे पीछे नहीं भागना पड़ता ।शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि हर एक कार्यकर्ता एन के शर्मा तक सीधे तौर पर अपनी बात पहुंचा सकता है ।एनके शर्मा उनकी बात को बहुत गहराई से सुनते समझते और फैसला करते हैं । वही आम आदमी पार्टी मे कुलजीत सिंह रंधावा भी किसी भी कार्यकर्ता से नजरें चुराते नजर नहीं आते । कुलजीत सिंह रंधावा से मिलने के लिए भी किसी भी मुलाजिम की मिन्नतें नहीं करनी पड़ती । कुलजीत सिंह रंधावा अपने कार्यकर्ताओं से लेकर आम आदमी तक लगातार सीधे तौर पर जुड़े रहते हैं, लेकिन अगर बात की जाए कांग्रेस में सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों की तो सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों से मिलना तो बहुत दूर की बात है, उन तक मिलने वालों का संदेश तक नहीं पहुंचाया जाता। कांग्रेस छोड़े गए कार्यकर्ताओं से लेकर आम जनता तक ने यही इल्जाम लगाया है कि दफ्तर के मुलाजिम किसी भी तरह का संदेश ना सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों तक पहुंचाते हैं ना सरदार उदयवीर सिंह ढिल्लों तक। सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों को लेकर सबके मन में यही सवाल उठ रहा है कि जिस तरह से सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों से मिलना बहुत मुश्किल होता है, अगर कल सरदार दीपिंदर सिंह ढिल्लों हलका डेराबस्सी के विधायक बन जाते हैं तो क्या तब भी सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों से मिलने के लिए पहले मुलाजिमों की खुशामद करनी पड़ेगी। ऐसे में सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों को चाहिए कि वह दफ्तर के मुलाजिमों को सख्त हिदायतें दे की जिस जनता से कांग्रेस या किसी भी राजनीतिक दल का अस्तित्व है, उस जनता को अनदेखा ना किया जाए ,क्योंकि जनता ना सिर्फ विकास कार्य देखकर वोट करेगी बल्कि यह भी देखेगी की सभी उम्मीदवारों में से कौन सा उम्मीदवार ऐसा है जो जरूरत पड़ने पर सीधे तौर पर मिल सकता है । तो जनता से जुड़ा रहना और जनता के लिए वक्त निकालना हर उम्मीदवार के लिए बेहद जरूरी है क्योंकि यह जनता ही है जो तख्तापलट करने की ताकत और हिम्मत रखती है।

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