*यूटी प्रशासन और कंस्ट्रक्शन कंपनी की मिलीभगत से हो रहा भ्रष्टाचार*
शनाया चौहान :धनास में पब्लिक पार्कों को बनाने में बेहद की खराब क्वालिटी के मटीरियल्स का प्रयोग हो रहा है और यूटी प्रशासन अपनी आँखें बंद किए हुआ है। वार्ड नंबर 15 धनास से काउंसिलर रामचंदर यादव ने इसकी शिकायत भी की. लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया रामचंदर यादव का कहना है कि प्रशासन और कॉन्ट्रैक्टर की मिलीभगत से ये भ्रष्टाचार हो रहा है। कई बार इसकी शिकायत भी जा चुकी है मगर प्रशासन इसपर ध्यान नहीं दे रहा है। इस तरह के भ्रष्टाचार पर प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में है क्योंकि पूर्व में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 29 अगस्त 2021 को देश के एक बड़े न्यूज पेपर (अमर उजाला) ने भी ये खबर छापी थी कि टेंडर अलॉट होने से पहले ही इसी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने तकरीबन 50 लाख रुपयों की लागत से बाउंड्री वॉल खड़ी कर दिया था.. जबकि उस वक्त तक टेंडर अलॉट ही नहीं हुआ था जाहिर है बिना मिलीभगत के ये बात अफसरों को कैसे पता रही होगी कि टेंडर उसी कंपनी को मिलेगा जो टेंडर मिलने से पहले ही काम कर रही है। ताजा घटनाएँ भी प्रशासन की मिलीभगत की तरफ इशारा करती है कि कई बार शिकायत के बावजूद भी आला अफसरों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। वार्ड काउंसिलर का कहना है कि जेई समेत कई अफसरों को इससे अवगत कराया जा चुका है और ये पार्कों का निर्माण नहीं बल्कि खानापूर्ति की जा रही है जिसमें बेहद खराब क्वालिटी का मटीरियल प्रयोग में लाया जा रहा है। रामचंदर यादव ने मांग की है कि इस मामले की जांच उच्च स्तर पर जांच हो और जो भी अधिकारी या कर्मचारी या फिर ठेकेदार जिम्मेदार हो उसपर कार्रवाई की जाए हो। अन्यथा इसके खिलाफ आंदोलन होगा और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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