*धर्म के नाम पर डेराबस्सी वासियों की आस्था से हुआ खिलवाड़* *राम तलाई के निर्माण में कदम-कदम पर घोटाला* *ढिल्लों व रेड्डी की चुप्पी के बाद जैक ने निजी एजेंसी से करवाई पैमाइश*




 शनाया चौहान :डेराबस्सी। 
डेराबस्सी में चर्चा का विषय बनी राम तलाई के निर्माण में नया घोटाला सामने आया है। पिछले कई माह से राम तलाई के निर्माण पर हुए खर्च और आदमन को लेकर कांग्रेस के हलका इंचार्ज दीपेंद्र सिंह ढिल्लों तथा परिषद प्रधान रणजीत सिंह रेड्डी को घेर रहे जैक रैजीडेंटस वैलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखदेव चौधरी ने निजी एजेंसी से निर्माण कार्यों की पैमाइश करवाकर नया खुलासा किया है। जिसमें इस बात के संकेत मिले हैं कि राम तलाई के निर्माण को लेकर कदम-कदम पर घोटाला हुआ है।
राम तलाई के निर्माण से लेकर आजतक कई बार आमदन व खर्च का ब्यौरा सार्वजनिक किए जाने की मांग कर चुके जैक रैजीडेंटस वैलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुखदेव चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि परिषद द्वारा इस निर्माण कार्य पर 94 लाख 92 हजार 628 रुपये खर्च होने का दावा किया गया है जबकि यह काम करीब 35 लाख रुपये में बड़ी आसानी से हो सकता है। इस राशि में वह पैसा शामिल नहीं है जिसे उदघाटन समारोह के आयोजन के नाम पर एकत्र किया गया है। जैक प्रधान ने बताया कि यहां निर्माण कार्य के नाम पर लाखों रुपये का खर्च दिखाया गया है। शहर के लोगों ने मूर्ति खरीद, निर्माण के लिए योगदान दिया है। इसके अलावा उदघाटन समारोह में एक पंजाबी कलाकार को बुलाने तथा भंडारे आदि के आयोजन के नाम पर भी यहां के उद्योगों व अन्य संगठनों से पैसा एकत्र किया गया है।
सुखदेव चौधरी ने बताया कि निजी सर्वेयर कंपनी से करवाए गए सर्वे में पता चला है कि यहां एक घोटाला वह हुआ है जो सभी को दिखाई दे रहा है दूसरा घोटाला जमीन के नीचे हुआ है। जिसके बारे में इसकी खुदाई के बाद ही पता लगा सकता है। क्योंकि परिषद यहां नींव भरने आदि के नाम पर भी गोलमाल किया है।
उन्होंने कहा कि परिषद द्वारा आरटीआई में दी गई जानकारी में यहां 12000 स्केयर फुट ग्रेनाइट लगने का दावा किया गया है जबकि जैक द्वारा करवाई गई पैमाइश में 8340 स्केयर फुट ग्रेनाइट लगी है। इसी प्रकार यहां 1758 किलो रेलिंग लगने की बात कही गई है जबकि सर्वे में यहां 920 किलो रैलिंग लगी है। यहां 16.42 टन सरिया लगने का दावा किया गया है जबकि जैक के सर्वे अनुसार यहां छह टन सरिया की खप्त हुई है। परिषद ने यहां 8300 क्यूबिक फुट आरसीसी लगने की बात कही है जबकि जैक के अनुसार यहां 2000 क्यूबिक फुट आरसीसी लगी है। सुखदेव चौधरी ने कहा कि वह हिंदू धर्म का सम्मान करते हैं और भगवान राम में उनकी आस्था है लेकिन यहां परिषद प्रधान रणजीत सिंह रेड्डी तथा कांग्रेस के हलका इंचार्ज दीपेंद्र सिंह ढिल्लों के संरक्षण में धर्म के नाम पर डेराबस्सी वासियों के साथ खिलवाड़ किया गया है।
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*एमबी शीट में सार्वजनिक होगा सारा घोटाला*
जैक रैजीडेंटस वैलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुखदेव चौधरी ने बताया कि उनके द्वारा आरटीआई के माध्यम से राम तलाई के निर्माण को लेकर कई बार जानकारियां मांगी गई हैं लेकिन घोटाला सार्वजनिक होने के डर आरटीआई में सही जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि एमबी शीट के माध्यम से और जानकाररियां भी सार्वजनिक हो सकती हैं लेकिन परिषद द्वारा यह शीट भी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।

*परिषद के खर्चे व निजी एजेंसी के खर्च में अंतर*
मद परिषद का खर्च निजी एजेंसी का खर्च
ग्रेनाइट         27,53000              निजी???
रेलिंग          07,82000                 03,50,000
डे्रनेज पाइप 04,73000                01,00,000
सरिया          10,34000                04,00,000
मूर्ति खरीद    07,50000                  04,70,000

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