एनके शर्मा को आज झटके पर झटके गुरमुख सिंह के बाद यूथ अकाली नेता राहुल मोदगिल भी कांग्रेस में शामिल
शनाया चौहान: जीरकपुर
एनके शर्मा को आज झटके पर झटके लग रहे हैं । एनके शर्मा के ऊपर आज चुनावों का अब तक का सबसे भारी दिन गुजर रहा है ।आज जहां दो बार पार्षद रहे गुरमुख सिंह एनके शर्मा से हाथ छुड़ाकर कांग्रेस में चले गए, वहीं यूथ अकाली नेता राहुल मोदगिल ने भी आज अकाली दल को आखरी सलाम कर दिया और सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों की अगुवाई में कांग्रेस में शामिल हो गए।
अभी तक अकाली दल गुरमुख सिंह के कांग्रेस में चले जाने की बात को हरदम भी नहीं कर पा रहा था कि दूसरी खबर सामने आ गई कि यूथ अकाली नेता राहुल मोदगिल भी अब सरदार दीपिंदर सिंह ढिल्लों के प्रचार प्रसार में साथ देते नजर आएंगे। जहां एनके शर्मा को लग रहा था कि उनके पार्षद गुरमुख सिंह और यूथ अकाली नेता राहुल मोदगिल एन के शर्मा के लिए प्रचार प्रसार करेंगे, वहीं एनके शर्मा का यह सपना सपना ही रह गया। अब यह प्रचार प्रसार एनके शर्मा के लिए ना होकर सरदार दीपिंदर सिंह ढिल्लों के लिए किया जाएगा। आज एनके शर्मा के मन में यही बात चल रही होगी कि क्या आज का दिन पंजाब विधानसभा चुनावों का सबसे भारी दिन साबित होने वाला है । जिस तरह से एक के बाद एक नेता अकाली दल को छोड़कर कांग्रेस में जा रहा है, वहां से पता लगता है कि कांग्रेस की स्थिति कितनी मजबूत होती जा रही है और जिस तरह का सहयोग कांग्रेस को हलके में हर जगह मिल रहा है, उसे देखते हुए ना सिर्फ अकाली दल को बल्कि आम आदमी पार्टी को भी कहीं ना कहीं घबराहट होना लाजमी है ।कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों ही अगले विधायक हैं, सिर्फ ऐलान होना बाकी है, जीत निश्चित है, लेकिन विधायक एनके शर्मा भी चुप बैठने वालों में से नहीं है,।उन्हें अपनी हैट्रिक का इंतजार है और इस हैट्रिक को पूरा करने के लिए वह भी जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं। एनके शर्मा द्वारा भी लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। एनके शर्मा के पास अभी भी कई दिग्गज मौजूद हैं, जिनके बलबूते एनके शर्मा को विश्वास है कि उनकी हैट्रिक हो जाएगी और अगर बात करें कुलजीत सिंह रंधावा आम आदमी पार्टी प्रत्याशी की तो रंधावा को केजरीवाल की नीतियों पर भरोसा है और उन्हें लग रहा है कि केजरीवाल की नीतियों से प्रभावित होकर जनता इस बार आम आदमी पार्टी को जीता देगी, लेकिन अगर अभी तक की बात करें तो अभी तक की स्थिति कांग्रेस की सबसे मजबूत स्थिति चल रही है ,क्योंकि जिस तरह से अकाली दल के दिग्गजों की कड़ियां टूटती नजर आ रही हैं, एक के बाद एक कड़ी का टूटना कहीं ना कहीं एनके शर्मा के लिए परेशानी का सबब जरूर बना हुआ है। एनके शर्मा निकल चुकी कड़ियों को अलग मानकर बाकी बची कड़ियों को जोड़ने की कोशिश तो जरूर करेंगे, लेकिन कड़ियां छोटी जरूर हो गई हैं, जिसका अंदाजा एनके शर्मा को भी है।
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