नगर निगम पंचकूला से या तो भ्र्ष्टाचार खत्म करो नहीं तो नगर निगम का नाम बदल कर *भ्र्ष्टाचार का अड्डा रखवा दो*
शनाया चौहान पंचकूला
ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पंचकूला में भ्र्ष्टाचार करने व करवाने के लिये स्थानीय नेताओं को हरी झंडी मिली हुई है, खास कर नगर निगम पंचकूला में हर काम को विकास बता कर स्थानीय नेताओं द्वारा अधिकारियों की मार्फ़त घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है। जिस प्रकार पहले शहर के कुछ चौक को तुड़वा कर नए डिज़ाइन में बनाने के नाम पर करोड़ों के घोटाले को अंजाम दिया गया ।
बस स्टॉप तुड़वा कर नए आधुनिक ढंग का नाम दे कर लाखों की मोटी कमीशन बनाई गई ।
अब तो मेयर महोदय ही खुद ऐंसे फालतू व बिना जरूरत के काम करवा कर करोड़ों रुपये जनता के पैसे को बर्बाद करवा रहे है । जिस प्रकार सड़कों के किनारे हरीकोरियन घास , लोगों की दीवारों पर पेंटिग करवानी, पेड़ों के नीचे लाइट व बिजली के खम्भों पर लाइट वाली लड़ियाँ लगवाने के इलावा इस प्रकार के काम करवा करजनता के पैसे को बर्बाद करवा रहे है ।
नगर निगम अधिकारियों ने अब तो हद ही कर दी है कि कोरोना में मरने वाले लोगों यानी मुर्दो के संस्कार के नाम पर भी 1 करोड़ के घोटाले को अंजाम दे दिया ।
अब जब जांच में घोटाला साबित हो गया व घोटाले को करने व करवाने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के नाम सामने आ गये है, तो उन के खिलाफ कोई भी अधिकारी कार्यवाही को तैयार क्यों नहीं है।
निगम आयुक्त पर घोटालों पर, खास कर इस घोटाले पर कार्यवाही न करने का लगातार स्थानीय बड़े बड़े नेताओं का दबाव बना हुआ है, जिस कारण घोटालेबाजों व भ्र्ष्टाचार में लिप्त अधिकारियों व कर्मचारिओं के हौंसले बुलन्द हो रहे है ।
पंचकूला विकास मंच ने मांग की है कि पंचकूला नगर
निगम से नेताओं का हस्ताक्षेप बन्द करवा कर सभी घोटालों की स्टेट विजिलेंस विभाग से जांच के आदेश दिए जाएं ।
मुर्दों के दाहसंस्कार के नाम पर घोटाला यानी सरकारी पैसे को गबन करने वाले सभी कर्मचारिओं व अधिकारियों के खिलाफ जांच रिपोर्ट अनुसार जल्द से जल्द एफ आई आर दर्ज करने के आदेश दिए जाएं व सभी अभियुक्तों को नौकरी से बर्खास्त किया जाए ।
पंचकूला विकास मंच के अध्यक्ष देवराज शर्मा ने कहा कि यह बहुत शर्मनाक है कि इस तरह के घोटाले को अंजाम देने वाले व घोटाले के मास्टरमाइंड कर्मचारी व अधिकारी आज भी नगर निगम में विराजमान है।
देवराज शर्मा ने आगे कहा कि अगर इसी तरह से पंचकूला नगर निगम भ्रष्ट अधिकारियों के अधीन रहा तो वह दिन दूर नहीं जिस दिन पंचकूला का विकास सिर्फ कागजों और कागदी वादों तक सीमित रह जाएगा और घोटालों की रकम से इन अधिकारियों की तिजोरिया भरते भरते छोटी पड़नी शुरू हो जाएंगे और फिर उनकी जगह बड़ी तिजोरिया लाई जाएंगी और इससे भी बड़े-बड़े घोटालों को अंजाम दिया जाएगा और हरियाणा सरकार मूकदर्शक बने देखती रहेगी।
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