ढिल्लों के टिकट पर बगावत शुरू हर किसी की जबान पर सिर्फ ढिल्लों का नाम लगातार किया जा रहा है टिकट मिलने का विरोध
शनाया चौहान :जीरकपुर
सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों को हलका डेराबस्सी से कांग्रेस से टिकट मिलने को लेकर जहां एक तरफ हलका वासियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। हल्का वासी सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों के समर्थन में वोट देने की बात कर रहे है। वहीं दूसरी ओर राजनीतिक लोगों को ढिल्लों को टिकट मिलने की बात हजम नहीं हो रही। कुछ दिन पहले तक कई दावेदार कांग्रेस से टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों को टिकट मिलते ही जहां एक तरफ कांग्रेस के ही दावेदारों द्वारा टिकट पर सवाल उठाए जाने लगे, वहीं कई और राजनीतिक नेता भी इस बगावत में शामिल हो गए । आपको बता दें कि टकसाली कांग्रेसी नेता बहादुर सिंह, ढिल्लों को टिकट मिलने से खासे नाराज नजर आ रहे हैं और उन्होंने हलके के लोगों से अपील की है कि दीपेंद्र ढिल्लो को एक बार फिर से हराकर घर बिठाया जाए। वही गुरचरण सिंह काला ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों को टिकट मिलने का विरोध करते हुए सभी नेता ढिल्लों को हराने के लिए काम करने की बात कर रहे हैं । जहां एक तरफ विरोधी पार्टियां सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों के टिकट मिलने से हैरान परेशान नजर आ रही हैं, वही अन्य लोग भी सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों को हराने के लिए बेसब्र नजर आ रहे हैं, लेकिन अब सवाल यहां यह है कि जिस हलके में एनके शर्मा जैसे दिग्गज मौजूद हैं, जो लगातार एमएलए रहे हैं और इस बार भी उन्हें पूरी उम्मीद है कि वह अपनी हैट्रिक पूरी करके इतिहास रच देंगे । वहीं आम आदमी पार्टी से कुलजीत सिंह रंधावा, संयुक्त किसान मोर्चा से नवजोत सिंह सैनी, भारतीय जनता पार्टी से संजीव खन्ना भी चुनावी मैदान में उतरे हुए हैं, लेकिन अगर कहीं पर बात हो रही है तो सिर्फ सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों के ही नाम की चर्चा चल रही है। हलके में हर किसी की जुबान पर सिर्फ सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों का नाम ही क्यों है???सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों के समर्थन में भी सभी लोग नजर आ रहे हैं और कुछ लोग बगावत में भी नजर आ रहे हैं। अगर इस वक्त की बात की जाए तो आज हर किसी की जुबान पर सरदार दीपिंदर सिंह ढिल्लों का ही नाम आ रहा है, चाहे वह समर्थन के लिए हो चाहे बगावत के लिए हो। सवाल यहां यह उठता है कि क्या आज सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों ही वह मजबूत उम्मीदवार है, जिन का डर ना सिर्फ विरोधी पार्टियों को है, बल्कि उन लोगों को भी है, जो टिकट की उम्मीद लेकर बैठे थे। सरदार दीपिंदर सिंह ढिल्लों को मिलने वाली टिकट की नाराजगी जो देखने को मिल रही है, क्या कहीं ना कहीं यह साबित हो रहा है कि सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों कांग्रेस की पहली पसंद है और कांग्रेस हाईकमान जानता है कि सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों ही डेराबस्सी की सीट कांग्रेस को दिला सकते हैं, इसीलिए सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों पर ऐतबार करते हुए उन्हें कांग्रेस हाईकमान द्वारा टिकट से नवाजा गया ।जिस तरह सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों ने डेराबस्सी से लेकर लालरु और जीरकपुर तीनों नगर परिषद पर कांग्रेस का परचम लहरा दिया और सिर्फ 8 महीने के कार्यकाल में कांग्रेस ने लगातार विकास कार्य किए, जिस पर विरोधियों ने सवाल भी उठाए, लेकिन कांग्रेस अपना कर्तव्य निभाते हुई नजर आई और इस बार कांग्रेस को पूरी उम्मीद है कि सरदार दीपिंदर सिंह ढिल्लों को भारी मतों से जीत हासिल होगी । फिलहाल जो नजारा हलका डेराबस्सी में देखने को मिल रहा है, उस नजारे में हर तरफ सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों ही नजर आ रहे हैं। विरोधी पार्टियों से लेकर हर कोई सरदार दीपिंदर सिंह ढिल्लों का नाम जपते नजर आ रहे हैं, चाहे यह नाम बगावत के तौर पर लिया जा रहा हो, लेकिन सरदार दीपिंदर सिंह ढिल्लों लगातार हर किसी की जुबान पर छाए हुए हैं। अब डेराबस्सी हलके की जनता सरदार दीपेंद्र सिंह ढिल्लों को जीत का सेहरा सर पर सजाती है या एनके शर्मा द्वारा हैट्रिक करके इतिहास रचा जाता है या फिर हलके की जनता किसी तीसरे पर विश्वास करके कुछ नया करती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि हलके की जनता अपने वोट का इस्तेमाल किस तरह करती है और डेराबस्सी का आने वाला विधायक कौन होगा।
फिलहाल कोशिशें सभी उम्मीदवार कर रहे हैं लेकिन जनता किस पर विश्वास दिखाती है और किस के वादों को खोखला समझकर उसे सिरे से नकारती है, यह डेराबस्सी की जनता का फैसला होगा क्योंकि यह जो पब्लिक है यह सब जानती है।
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